कमल हासन नहीं जाएँगे सुप्रीम कोर्ट

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Image caption कमल हासन अपनी फिल्म पर प्रतिबंध से आहत है

विवादों में घिरी अभिनेता कमल हासन की फिल्म 'विश्वरूपम' का भविष्य अधर में लटक गया है.

मद्रास हाई कोर्ट ने फिल्म की रिलीज़ पर रोक लगा रखी है और कमल हासन ने इस मामले को लेकर फिलहाल सुप्रीम कोर्ट नहीं जाने का फैसला किया है.

सेंसर बोर्ड ने हालांकि 'विश्वरूपम' को हरी झंडी दी थी और फिल्म 25 जनवरी को रिलीज़ होने वाली थी लेकिन तमिलनाडु सरकार ने कुछ मुस्लिम संगठनों के विरोध के बाद फिल्म पर दो हफ्ते के लिए प्रतिबंध लगा दिया था.

राजनीति और धंधे में फँसी विश्वरूपम?

कमल हासन ने इसके खिलाफ मद्रास हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी. कोर्ट की एकल बेंच ने मंगलवार को फिल्म के रिलीज़ को हरी झंडी दे दी थी लेकिन तमिलनाडु सरकार ने इसे चुनौती दी और बुधवार को मद्रास हाई कोर्ट ने एकल जज की पीठ के फैसले को पलटते हुए फिल्म की रिलीज पर फिर से रोक लगा दी है.

कमल हासन ने कहा था कि वो मद्रास हाई कोर्ट ने फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं. लेकिन अब उन्होंने फिलहाल ऐसा नहीं करने का फैसला किया है.

उनके भाई चंद्रा हासन ने कहा कि वे बुधवार को हाई कोर्ट ने अंतिम फैसले का इंतजार करेंगे और उसके बाद ही आगे की रणनीति तय करेंगे.

मामले की अगली सुनवाई छह फरवरी को होनी है.

विवादित दृश्यों को हटाने पर राजी

इस बीच कमल हासन ने कहा कि वो फिल्म से कुछ दृश्यों को हटाने पर राज़ी हो गए हैं.

दोनों पक्षों की बातचीत के बाद कमल हासन ने संवाददाताओं से कहा, '' हम सभी ने मिल बैठकर बातचीत की है और आपस में सहमति हो गई है. मैं कुछ दृश्य हटा लूंगा. कुरान की आयतों से जुड़े दृश्य हटा लूंगा.''

इससे पहले कमल हासन ने कहा था कि अगर उनकी फिल्मों का ये हश्र होता रहा तो वो देश छोड़ने पर विचार करेंगे.

Image caption फिल्म के कुछ दृश्यों को लेकर कुछ मुस्लिम संगठनों ने आपत्ति जताई है.

उन्होंने कहा था कि उन्हें लगता है कि अब तमिलनाडु नहीं चाहता कि वो वहाँ रहें इसलिए वे अब अपने रहने के लिए देश में किसी धर्मनिरपेक्ष राज्य की तलाश करेंगे.

उनका कहना था कि अगर उन्हें देश में कोई धर्मनिरपेक्ष राज्य नहीं मिला तो वे उन्हें भी चित्रकार एमएफ हुसैन की तरह देश छोड़कर जाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा.

चेन्नई में मीडिया से कमल हासन ने कहा, "मुझे अब लगने लगा है कि भारत में तमिलनाडु को छोड़कर कश्मीर से लेकर केरल तक किसी भी धर्मनिरपेक्ष राज्य में अपने रहने के लिए जगह खोजनी पड़ेगी. अगर मुझे भारत में ऐसी कोई जगह नहीं मिली तो मैं विदेश जाऊंगा. हुसैन साहब को ऐसा करना पड़ा था. अब हासन ऐसा करेगा."

पुलिस पर आरोप

इस पहले जब रोक हटाई गई थी तो कुछ लोगों ने सिनेमा हॉल में जाकर फ़िल्म देखने की कोशिश की लेकिन वे ऐसा नहीं कर सके. आरोप है कि पुलिस ने सिनेमा हॉल वालों को फ़िल्म चलाने की अनुमति नहीं दी.

कमल हासन ने इस पर कहा, "कई जगह थिएटरों में फिल्म शुरू हुई लेकिन पुलिस ने आकर सिनेमा हॉल खाली करा लिया. पुलिस ने कहा कि उनके पास कोर्ट के ऑर्डर की कॉपी नहीं पहुंची है और ऐसे में फिल्म को सिनेमाहॉल में नहीं दिखाया जा सकता."

कमल हासन कहते हैं कि फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की उन्हें कई वजहें गिनाई गईं, लेकिन उन्हें एक भी वजह तर्कसंगत नहीं लगीं.

कमल हासन कहते हैं कि उन्हें राजनैतिक खेल का मोहरा बनाया जा रहा है और उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि कौन ये खेल खेल रहा है.

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