कर्ज़ लेकर बनी कश्मीरी फ़िल्म ने जीता अवार्ड

  • 4 मार्च 2013
पार्तव, कश्मीरी फिल्म
'पार्तव' पहली कश्मीरी भाषा की फिल्म है जिसे अंतर्राष्ट्रीय सम्मान दिया जा रहा है.

बीते दिनों कश्मीर की लड़कियों के रॉक बैंड 'प्रगाश' ने सबका ध्यान बटोरा था और अब एक कश्मीरी फीचर फिल्म, अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में तारीफें बटोर रही है.

फिल्म का नाम है 'पार्तव' जिसने कनाडा अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2013 की फीचर फिल्म श्रेणी में उत्कृष्टता के लिए अवार्ड हासिल किया है.

एक प्रोफेसर की कहानी को बयां करती ये पहली कश्मीरी फिल्म है जिसे अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिला है. पार्तव की एक और ख़ास बात है कि इसे पूरी तरह 35 एमएम डिजिटल फॉर्मेट पर शूट किया गया है.

फिल्म के निर्देशक दिलनवाज़ मुंतज़ीर ने एजेंसी को बताया कि कश्मीर में फिल्म बनाना आसान नहीं है और उनकी टीम को फिल्म बनाते वक्त कई परेशानियों का सामना करना पड़ा.

नहीं मिली मदद

मुंतज़ीर कहते हैं "फिल्म का बजट 75 लाख था जिसमें से 25 लाख का बंदोबस्त हमने ख़ुद किया और बाकी के लिए लोन लिया. कोई व्यवसायी हमें उधार देने को तैयार नहीं था. यहां तक की संस्कृति विभाग ने भी मदद नहीं की."

फिल्म के प्रीमियर में आई मुश्किलों की बात करते हुए मुंतज़ीर ने कहा " सरकार ने या संस्कृति विभाग ने हमें फिल्म के प्रीमियर के लिए भी कोई मदद नहीं की, बल्कि किसी तरह की कोई प्रतिक्रिया ही नहीं दी."

35 वर्षीय मुंतज़ीर के मुताबिक घाटी के व्यवसायी और सरकार अगर आगे आए तो कश्मीरी सिनेमा में दोबारा जान आ सकती है जो फिलहाल एक धीमी मौत का शिकार हो रहा है.

पेशे से डेंटिस्ट मुंतज़ीर मानते हैं कि ये पुरस्कार सिर्फ़ उनके लिए नहीं, कश्मीर के लोगों के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि है. मुंतज़ीर को पुरस्कार समारोह में आमंत्रित किया गया है और उन्होंने उम्मीद जताई है कि फिल्म और सम्मान कश्मीर के अस्तित्वहीन सिनेमा में जान फूंकेगा.

कश्मीरी शब्द 'पार्तव' का अर्थ है प्रभाव और ये कहानी है एक प्रोफेसर की जो अपनी साहित्यिक जुनून के लिए सब कुछ त्याग देता है. ये फिल्म कश्मीरी भाषा में है.

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