शाहरुख़ की फिल्म में हीरोइन का नाम पहले

चेन्नई एक्सप्रेस, हिंदी फिल्म
Image caption फिल्म 'चेन्नई एक्सप्रेस' में शाहरुख ख़ान और दीपिका पादुकोण मु्ख्य भूमिका में है

महिला दिवस के दिन जहां चारों ओर औरत के हालातों पर चर्चा हो रही है, वहीं शाहरुख़ ख़ान ने भी इस मौके पर अपनी तरफ से एक कदम उठाया है जो थोड़ा अनूठा है.

मीडिया से बात करते हुए शाहरुख़ ने कहा कि अब से उनकी हर फिल्म के क्रेडिट रोल्स में उनसे पहले हीरोइन का नाम आएगा. ये पहल शाहरुख़ अपनी नई फिल्म चेन्नई एक्सप्रेस से शुरु करना चाहते हैं जिसमें उनके साथ दीपिका पादुकोण है.

शाहरुख़ का कहना है "जिन लोगों के साथ मैं काम कर रहा हूं उनसे मेरी दरख़्वास्त है कि वो ऐसा अभी से करना शुरु कर दें. मुझे नहीं पता इससे कुछ बदलाव आएगा लेकिन ये सोचने लायक बात है. "

फिल्मों में हीरोइन

फिल्मों में अभिनेत्रियों के चित्रण पर बात करते हुए शाहरुख़ ने कहा "महिलाएं हमारे काम में रीढ़ की हड्डी का काम करती हैं और उन्हें उचित श्रेय दिया जाना चाहिए. मैं अपनी सभी फिल्मों में ध्यान रखता हूं कि हीरोइन को अच्छी तवज्जो मिले. मैं सिर्फ दिखावे के लिए महिलाओं पर फिल्म बनाना नहीं चाहूंगा."

वहीं एक दफे बीबीसी से बातचीत में शबाना आज़मी ने भी हिंदी फिल्मों में महिलाओं के चित्रण और दकियानूसी सोच के बारे में चर्चा की थी जिसमें उन्होंने अपनी ही एक फिल्म का ज़िक्र किया था जिसे करने के लिए उन्हें महिला संस्थाओं में कड़ी डांट भी पड़ी. उस फिल्म का नाम था थोड़ी सी बेवफाई.

अवार्ड समारोह में भी पीछे

वहीं शाहरुख़ ने अवार्ड समारोह में भी अभिनेत्रियों को कम अहमियत दिए जाने पर आपत्ति जताई. शाहरुख़ के अनुसार अवार्ड समारोह में हीरो का पुरस्कार आखिरी में घोषित किया जाता है जिसे सबसे ज़्यादा तालियां मिलती हैं, क्यों नहीं हीरोइन के अवार्ड की घोषणा आखिरी में की जाती है.

वहीं पिछले दिनों स्क्रीन अवार्ड समारोह में लगातार चौथी साल पुरस्कार जीतने वाली विद्या बालन का मानना है कि ये वक्त है जब ऐसे कार्यक्रमों में स्त्री और उसके योगदान की बात की जाए और स्त्रीत्व का जश्न मनाया जाए.

देखना होगा कि विद्या की फिल्मों के चयन और शाहरुख़ की फिल्मों में उनसे पहले हीरोइन का नाम दिखाने की पहल, क्या ये वाकई में फिल्मों की भीड़ में महिलाओं को आगे ला पाएगी?

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