अब पान सिंह का नाम रिकॉर्ड में तो होगा: इरफान

  • 18 मार्च 2013
पान सिंह तोमर

जब निर्देशक तिग्मांशु धूलिया ने ये तय किया था कि वो पान सिंह तोमर पर फिल्म बनाएंगे तो उन्हें पता नहीं था कि फिल्म बनाने के लिए वो अपनी रिसर्च कहां से शुरू करें क्योंकि पान सिंह पर कोई ठोस जानकारी मौजूद ही नहीं थी.

लेकिन आज बात ज़रा अलग है. फिल्म 'पान सिंह तोमर' साल 2012 के लिए सर्वश्रेष्ठ फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकी है. साथ ही फिल्म में पान सिंह की भूमिका निभाने वाले इरफ़ान खान ने भी पहला राष्ट्रीय पुरस्कार जीता है.

इस मौके पर बीबीसी से बात करते हुए इरफ़ान कहते हैं, ''पान सिंह तोमर एक ऐसा आदमी था जिसकी ज़िन्दगी के बारे में बहुत ही कम लोग जानते थे. हमारी इस फिल्म के ज़रिए पान सिंह का नाम देश की जनता तक पहुंच पाया हमें इस बात की बहुत ख़ुशी है. पान सिंह तोमर नाम की फिल्म सर्वश्रेष्ठ फिल्म है अब तो कम से कम उनका नाम रिकॉर्ड में होगा.''

गूगल करके तो देखो

अपनी बात को पूरा करते हुए इरफ़ान कहते हैं, ''फिल्म बनाने से पहले जब हमने पान सिंह के बारे में खोज बीन करनी शुरू की तो हमें उनके बारे में कुछ भी नहीं मिला था. आज गूगल पर सिर्फ पान लिखकर देखिए कैसे आपको उनके बारे में जानकारी मिलती है.''

आज इरफ़ान से एक सवाल और भी बनता है. सवाल ये कि हाल ही में जब भारत की ओर से ऑस्कर पुरस्कारों में फिल्म भेजी जानी थी तो पान सिंह तोमर की बजाए बर्फी को चुना गया था. आज पान सिंह को सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म का पुरस्कार मिला है न कि बर्फी को. तो क्या ये बात अपने आप में अजीब नहीं है?

इस सवाल के जवाब में जानते हैं इरफ़ान कहते हैं, ''अरे भाई जो हो गया उसे भूल जाओ आज ख़ुशी का दिन है तो ख़ुशी मनाओ.''

वैसे खुशी मनाने की बात तो है क्योंकि पद्मश्री इरफान ख़ान के घर में अब एक राष्ट्रीय पुरस्कार की ट्रॉफी भी रखी जाएगी.

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