काश सिर्फ काम ही सब कुछ होता: अभय देओल

अभय देओल
Image caption अभय ने हाल ही में अपनी एक प्रोडक्शन कंपनी खोली है.

अपनी पहली ही फ़िल्म 'सोचा न था' के साथ अभय देओल ने इस बात का अहसास दिला दिया था कि वो किस तरह के अभिनेता हैं. अभय की अभिनय क्षमता उनकी हर फ़िल्म से ज़ाहिर होती चली गई. 'ओए लकी लकी ओए' से लेकर 'शांघाई' तक सभी फ़िल्मों में उनकी सराहना हुई.

जल्द ही अभय 'रांझना' में नज़र आएंगे. इसी सिलसिले में वो इन दिनों मीडिया से मिल रहे हैं. बीबीसी से एक खास बातचीत में अभय ने दिल खोलकर बात की.

बीबीसी ने अभय से पूछा कि एक्टर तो वो अच्छे हैं लेकिन स्टार की श्रेणी में उनका नाम शामिल नहीं होता. क्या उन्हें इस बात से परेशानी होती है?

'स्टार बनाए जाते हैं'

इस सवाल का जवाब देते हुए अभय कहते हैं, ''देखिए स्टार पैदा नहीं होते हैं बनाए जाते हैं. एक बड़े स्टार के पीछे पैडिंग होती है. बड़ी अभिनेत्रियां, बड़े निर्देशक उनके साथ काम करते हैं. लेकिन टैलेंट टैलेंट होता है जो आप किसी में ज़बरदस्ती पैदा नहीं कर सकते. हां आप किसी को सितारा ज़रूर बना सकते हैं.''

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अपनी बात को पूरा करते हुए अभय कहते हैं, ''किसी भी बड़े स्टार के पीछे एक पीआर मशीनरी काम करती है. मेरे पास उस तरह का सपोर्ट नहीं है. बिना सपोर्ट के स्टार बनना तो बड़ा मुश्किल है.''

अभय आगे कहते हैं, ''अगर कल मैं दो चार फ़िल्में किसी बड़े निर्देशक और किसी बड़ी अभिनेत्री के साथ कर लूं तो मैं भी स्टार बन जाऊंगा. पर घूम फिर के बात यही है कि बिना पैडिंग के टैलेंट ज्यादा दूर तक नहीं जा सकता. काश सिर्फ काम ही सब कुछ होता. लेकिन आज के ज़माने में सच कुछ और ही है.''

'अभिनेत्री देखे हीरो'

इतना ही नहीं अभय तो यहां तक कहते हैं कि अगर लोग सोचते हैं कि अभिनेत्रियां सिर्फ कहानी पढ़ कर फ़िल्में चुनती है तो ये एक गलत धारणा है.

अगर ये गलत है तो सच क्या है अभय?

इस सवाल के जवाब में अभय कहते हैं कि अभिनेत्रियां सबसे पहले ये जानना चाहती हैं कि जो फ़िल्म वो कर रही हैं उस फ़िल्म का हीरो कौन है. अभय ये भी कहते हैं कि इसमें अभिनेत्रियों की कोई गलती नहीं है बल्कि आजकल माहौल ही ऐसा है.

Image caption 'आयशा' के बाद सोनम और अभय 'रंझना' में साथ नज़र आएंगे.

अभय कहते हैं जब वो इंडस्ट्री में नए थे तब उन्हें इन बातों के बारे में पता नहीं था. उन्हें लगता था कि सिर्फ अच्छा काम करना ही सब कुछ है. लेकिन समय के साथ उनकी सोच में भी बदलाव आया है.

हाल ही में अभय ने अपनी प्रोडक्शन कंपनी भी खोली है. तो इस कंपनी को खोलने की कोई खास वजह?

अभय कहते हैं, ''मैंने ऐसी कुछ फ़िल्में की थी जो अच्छी फ़िल्में थी, लोगों को भी पसंद आई लेकिन कहीं न कहीं उन फ़िल्मों को निर्माताओं ने मार्केटिंग और डिस्ट्रीब्यूशन में मार दिया. तो मैंने सोचा इन सब बातों से बचने के लिए क्यों न अपना ही कुछ शुरू किया जाए.''

अभय की कंपनी के तले बनने वाली पहली फ़िल्म का नाम है 'वन बाय टू'. फ़िल्म में अभय के साथ उनकी गर्लफ्रेंड प्रीती देसाई काम कर रही हैं.

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