कान: लेस्बियन संबंधों पर बनी फ़िल्म सर्वश्रेष्ठ

‘ब्लू इज दी वार्मेस्ट कलर’ के निर्देशक अब्दिलतिफ़ कचिचे और अभिनेत्री एडेल एक्सार्कोपोलस और ली सिडा

दो युवा फ्रांसीसी महिलाओं की प्रेम कहानी पर आधारित फ़िल्म 'ब्लू इज दी वार्मेस्ट कलर' ने कान फिल्म समारोह में बेस्ट फ़िल्म के लिए दिया जाने वाला 'पाम डि ओर' पुरस्कार जीता है.

इस फ़िल्म के अंतरंग दृश्यों और अभिनेत्री एडेल एक्सार्कोपोलस और ली सोडोक्स के अभिनय को सराहा गया है.

अभिनेता ब्रूस डर्न को फ़िल्म 'नेब्रास्का' में उनके बेहतरीन अभिनय के लिए बेस्ट एक्टर का पुरस्कार मिला.

फ़िल्म 'द पास्ट' के लिए अभिनेत्री को बेरोनिस बेज़ो को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला. मूक फ़िल्म 'दी आर्टिस्ट' में बेज़ो के अभिनय के लिए उनकी सराहना हुई थी.

पुरस्कारों की दौड़

पुरस्कारों की घोषणा रविवार को कान फिल्म समारोह के समापन के अवसर पर की गई. इन पुरस्कारों की दौड़ में 20 फ़िल्में शामिल थीं.

तीन घंटे की फ़िल्म 'ब्लू इज दी वार्मेस्ट कलर' में एडेल एक्सार्कोपोलस ने 15 साल की एक लड़की का किरदार निभाया है, जो अपने से बड़ी उम्र की एक महिला के प्यार में पड़ जाती है. इस महिला के किरदार को ली सिंडा ने निभाया है.

निर्देशक अब्दिलतिफ़ केचिचे की इस फ़िल्म को समिक्षकों ने काफी सराहा था. ब्रिटिश अखबार 'दी गार्डियन' ने इस फ़िल्म को पांच में से चार स्टार दिए थे.

इस फ़िल्म को मिले पुरस्कार से कुछ समिक्षकों को आश्चर्य भी हुआ. ' वेराइटी मैगज़ीन' ने कहा, 'इस फ़िल्म में हाल के दिनों के लैस्बियन सेक्स के सबसे उत्तेजक दृश्य हैं.''

वहीं ' दी हॉलीवुड रिपोर्टर' ने कहा है कि इस बेतरतीब नाटक से कई लोगों की भौहें तन जाएंगी, इसने अभिनय और वास्तविकता की सीमा रेखा को पार किया है.

लेकिन पुरस्कारों का चयन करने वाली ज्यूरी के अध्यक्ष फ़िल्म निर्देशक स्टीवन स्पीलबर्ग ने संवाददाताओं से कहा,''मुझे लगता है कि एक मजबूत कथानक वाली इस फ़िल्म में बहुत ही सशक्त और सकारात्मक संदेश है.''

युवाओं को समर्पित

पुरस्कार ग्रहण करते हुए फ़िल्म के निर्देशक अब्दिलातिफ़ कचिचे ने कहा,''मैं इस पुरस्कार को फ्रांस के उन अद्भुत युवाओं को समर्पित करना चाहूंगा जिनसे फ़िल्म निर्माण की लंबी अवधि में मैं मिला.''

उन्होंने कहा,''उन युवाओं ने मुझे स्वतंत्रता और साथ रहने की भावना को लेकर बहुत कुछ सिखाया.''

'ब्लू इज दी वार्मेस्ट कलर' की वजह से अमरीकी फ़िल्मकार कोन ब्रदर्स अपनी 1991 की सफलता दोहरा नहीं पाए. उस समय उनकी फ़िल्म 'बार्टन फ़िंक' ने 'पाम डओर' पुरस्कार जीता था.

उनकी हालिया फ़िल्म 'इनसाइड लिवेन डेविस' 1960 में न्यूयार्क में लोक संगीत के हालात पर आधारित है. कान में इसे 'ग्रां प्री' का पुरस्कार मिला.

फ़िल्म 'नेब्रास्का' के लिए बेस्ट एक्टर का पुरस्कार जीतने वाले ब्रूस डर्न को 1970 के दशक की 'कमिंग होम', 'दी काउब्याय' और 'दी ग्रेट गेट्सबी' जैसी फ़िल्मों में अभिनय के लिए जाना जाता है.

अब 76 साल के हो चुके ब्रूस ने 'नेब्रास्का' में एक बूढ़े और शराबी पिता की भूमिका निभाई है, जो लॉटरी का पुरस्कार पाने के लिए सड़क यात्रा पर निकलता है. फ़िल्म का निर्देशन किया है अलेक्जेंडर पायनी ने.

बेस्ट एक्ट्रेस का पुरस्कार जीतकर बेरेनिस बेज़ो ने यह साबित कर दिया है कि फ़िल्म 'दी आर्टिस्ट' में उनका अभिनय यूं ही नहीं था. 'द पास्ट' एक पारिवारिक फ़िल्म है, जिसका निर्देशन किया है ईरानी फ़िल्मकार असगर फ़रहदी ने. फ़रहदी की फ़िल्म 'अ सेपरेशन' 2011 में ऑस्कर के लिए नामित हुई थी.

ज्यूरी के सदस्य

मैक्सिको में नशीले पदार्थों के लिए हो रही हिंसा पर आधारित फ़िल्म 'हेली' के लिए अमत एस्कलांटे का बेस्ट डायरेक्टर का पुरस्कार जीतना थोड़ा आश्चर्यजनक था.

चीन के जिया झांगके को उनके देश में फैले भ्रष्टाचार की पड़ताल पर आधारित फ़िल्म 'अ टच ऑफ सिन' के लिए सर्वश्रेष्ठ पटकथा का पुरस्कार मिला.

जापानी फ़िल्मकार हिरोकजू कोरेदा की फ़िल्म 'लाइक फ़ादर, लाइक सन' को ज्यूरी पुरस्कार से नवाज़ा गया. यह दो परिवारों की कहानी है, जिन्हें बाद में पता चलता है कि उनका छह साल का बच्चा जन्म के समय बदल गया था.

पुरस्कारों का चयन करने वाली ज्यूरी में स्टीवन स्पीलबर्ग के अलावा ' लाइफ़ ऑफ़ पाई' के निर्देशक आंग ली, अभिनेत्री निकोल किडमैन और ऑस्कर पुरस्कार विजेता अभिनेता क्रिस्टोफ वॉल्ट, फ़िल्म निर्माता लीनी रामसे, फ्रांसिसी अभिनेता डेनियल, रोमानियन फ़िल्म निर्देशक क्रिस्टिन मूंग्यू, जापानी निर्दशक नाओमी कावासे और बॉलिबुड अभिनेत्री विद्या बालन शामिल थीं.

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