मिल्खा को किसिंग सीन से समस्या नहीं: प्रसून जोशी

  • 12 जून 2013
भाग मिल्खा भाग
Image caption फिल्म 'भाग मिल्खा भाग' में फरहान अख़्तर ने केंद्रीय भूमिका निभाई है.

भारत के जाने-माने एथलीट मिल्खा सिंह के जीवन पर बन रही एक फिल्म के किसिंग सीन पर क्या ख़ुद मिल्खा सिंह को कोई आपत्ति हुई. ये सवाल बीबीसी ने पूछा फिल्म के लेखक प्रसून जोशी से.

दरअसल मिल्खा सिंह के जीवन पर आधारित इस फिल्म में मिल्खा सिंह की केंद्रीय भूमिका निभा रहे हैं फरहान अख़्तर. फिल्म का निर्देशन कर रहे हैं राकेश ओमप्रकाश मेहरा.

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Image caption प्रसून जोशी कहते हैं कि फिल्म में ऐसा कुछ भी नहीं दिखाया जो मिल्खा सिंह के चरित्र से मेल ना खाता हो.

फिल्म में फरहान अख़्तर और एक ऑस्ट्रेलियाई अभिनेत्री के बीच एक किसिंग सीन फिल्माया गया है. और मीडिया में आई कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक ख़ुद मिल्खा सिंह इस बात से ख़ुश नहीं थे. लेकिन फिल्म के लेखक प्रसून जोशी ने इन बातों को ग़लत करार दिया.

उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता मिल्खा सिंह जी को कोई आपत्ति हुई. हमारे बीच सब कुछ ठीक है."

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प्रसून आगे कहते हैं, "हमने फिल्म में कुछ जगहों पर कल्पना का सहारा ज़रूर लिया है, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं दिखाया जो मिल्खा सिंह जी के चरित्र से मेल ना खाता हो. और जब किसी शख़्स पर कोई फिल्म बनती है तो उसके हर पहलू को दिखाना पड़ता है. ख़ुशी, उल्लास, ग़म उसके प्रेम प्रसंग वगैरह. हमने मिल्खा जी के खेल जीवन के अलावा उनके इंसानी पहलू को भी दिखाने की कोशिश की है."

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प्रसून के मुताबिक़ फिल्म की टीम मिल्खा सिंह पर कोई बोरिंग डॉक्यूमेंट्री नहीं बनाना चाहती थी.

"हम एक मनोरंजक फिल्म बनाना चाहते थे. जिसे देखकर लोगों को मज़ा आए. हम इसे कोई उपदेशात्मक तरीके से नहीं बनाना चाहते थे."

Image caption (बाएं से) निर्देशक राकेश ओमप्रकाश मेहरा, मिल्खा सिंह और लेखक प्रसून जोशी

प्रसून जोशी अपने आपको खुशकिस्मत मानते हैं कि मिल्खा सिंह ने इस विषय पर उन्हें फिल्म बनाने की पूरी छूट दी और साथ ही हर तरह का सहयोग भी दिया. फिल्म जुलाई में रिलीज़ हो रही है.

मिल्खा सिंह

मिल्खा सिंह ने पहली बार 1956 के मेलबोर्न ओलंपिक्स में हिस्सा लिया था. उसके बाद उन्होंने 1958 के एशियाई खेलों में 200 और 400 मीटर रेस में स्वर्ण पदक जीता.

1960 के रोम ओलंपिक्स में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 400 मीटर रेस के फाइनल में जगह बनाई और फिर चौथा स्थान हासिल किया.

अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करने के लिए उन्हें फ्लाइंग सिख का ख़िताब दिया गया.

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