बॉक्स ऑफिस पर नहीं चला 'जॉब्स' का जादू

  • 20 अगस्त 2013
स्टीव जॉब्स
Image caption स्टीव जॉब्स के जीवन पर बनी फिल्म 'जॉब्स' केवल 67 लाख डॉलर का कारोबार ही कर सकी है.

आई-फ़ोन और आई-पैड से दुनिया में धूम मचाने वाले ऐपल के सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स की ज़िदगी पर बनी फ़िल्म ‘जॉब्स’ बॉक्स ऑफ़िस पर औंधे मुंह गिर गई.

महीनों से इस फ़िल्म की चर्चा थी लेकिन पिछले हफ़्ते जब ये रिलीज़ हुई तो फ़िल्म समीक्षक और स्टीव जॉब्स के चाहने वाले दोनों ही निराश हुए.

राष्ट्रीय स्तर पर फ़िल्म 67 लाख डॉलर बटोर पाई जो औसत से काफ़ी कम है और सातवें नंबर पर रही.

'दी हफ़िंगटन पोस्ट' ने लिखा कि 'जॉब्स' फ़िल्म में ऐपल कंपनी पर ज़्यादा और स्टीव जॉब्स की ज़िंदगी पर कम रोशनी डाली गई. समीक्षक ने लिखा है कि बेहतर होता यदि फ़िल्म का नाम रखा जाता “ऐपल कंप्यूटर का इतिहास”.

इस फ़िल्म में स्टीव जॉब्स का किरदार अदा किया है ऐश्टन कूचर ने और कुछ समीक्षकों का कहना है कि वो रोल में फ़िट नहीं हो पाए.

बारीकियों की कमी

वहीं कुछ ऐसे भी हैं जिन्होंने लिखा है कि कूचर ने स्टीव जॉब्स की जवानी के दिनों को अच्छी तरह निभाया है.

'वॉल स्ट्रीट जर्नल' ने लिखा है कि स्टीव जॉब्स जिस तरह की बारीकियों में जाने के लिए मशहूर थे, वो बारीकियां इस फ़िल्म में कहीं नहीं नज़र आईं.

Image caption स्टीव की अगुवाई में एपल ने आई-फ़ोन और आई ट्यूंस बाज़ार में पेश किया जिसने कंपनी की किस्मत बदल दी.

दरअसल ये फ़िल्म उस दौर की शुरूआत से पहले ही खत्म हो जाती है जब आई-ट्यूंस और आई-फोन के ज़रिए स्टीव जॉब्स ने ऐपल को दुनिया की सबसे पैसेवाली कंपनियों की गिनती में ला खड़ा किया.

इसमें ज़्यादा ध्यान उन दर्शकों पर है जिनमें स्टीव जॉब्स और दूसरे सीनियर अधिकारियों के बीच खींचतान का माहौल रहा.

'वाशिंगटन पोस्ट' की समीक्षक ने फ़िल्म को दो स्टार्स दिए हैं. थोड़ी बहुत तारीफ़ यदि किसी ने की है तो वो सीएनएन की वेबसाइट ने.

उनका कहना है कि फ़िल्म ने स्टीव ज़ॉब्स की ज़िदगी के कई पहलुओं को अनदेखा कर दिया है लेकिन कुल मिलाकर फ़िल्म बुरी नहीं है.

जोरदार प्रचार

एक करोड़ बीस लाख डॉलर के खर्च से बनी इस फ़िल्म का जबरदस्त प्रचार किया गया और कोशिश की गई कि टेक्नोलॉजी प्रेमी इस फ़िल्म के लिए ऐसे ही कतार लगाएं जैसे ऐपल के नए गैजेट के लिए कतार लगती है.

इसका ट्रेलर इंस्टाग्राम पर जारी किया गया.

अब स्टीव जॉब्स के चाहने वालों को इंतज़ार है उन्हीं की ज़िंदगी पर बन रही एक और फ़िल्म का जिसकी तारीख़ का एलान नहीं हुआ है.

ऐपल के दूसरे सह-संस्थापक स्टीव वोज़निएक ने भी इस फ़िल्म की आलोचना की और ऐश्टन कूचर उन पर काफ़ी भड़क भी गए. कूचर ने यहां तक कह डाला कि वोज़निएक ने स्टीव जॉब्स की ज़िंदगी पर बन रही दूसरी फ़िल्म की निर्माता कंपनी से पैसे लिए हैं.

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