कंडोम का विज्ञापन करने से भी परहेज़ नहीं: मनोज बाजपेई

मनोज बाजपेई

फ़िल्मी कलाकारों का विज्ञापनों में काम करना आम बात है. लेकिन क्या ये विज्ञापन करते समय वो अपनी सामाजिक ज़िम्मेदारियों के बारे में सोचते हैं.

काफी समय से अभिनेता मनोज बाजपेई एक पान मसाला के विज्ञापन में नज़र आ रहे हैं. क्या उन्हें इसमें कुछ ग़लत नहीं लगता.

जब बीबीसी ने उनसे ये सवाल किया तो वो बोले, "मेरे कई शुभचिंतकों ने मुझसे ये सवाल पूछा. पहले तो मैं ये साफ कर दूं कि ये पान मसाला नहीं बल्कि माउथ फ़्रेशनर है. मेरा एक दूसरा विज्ञापन भी आ रहा है. उस उत्पाद में निकोटीन भी नहीं है."

फिर उन्होंने कहा, "और जब शराब, सिगरेट या पान मसाला का उत्पादन ग़ैरकानूनी नहीं है तो आप उस पर या उसके विज्ञापनों पर सवालिया निशान नहीं लगा सकते. अगर ये ग़लत है तो उन पर कानूनी रोक लगाइए. मैं कोई कानून से हटकर काम तो नहीं कर रहा हूं."

'तो कंडोम का एड भी करूंगा'

हाल ही में अभिनेता अर्जुन रामपाल ने बयान दिया था कि अगर उन्हें छह करोड़ रूपए दिए जाएं तो वो अपने पूरे बदन पर कंडोम लपेट सकते हैं.

हमने मनोज बाजपेई से पूछा कि वो पैसों के लिए विज्ञापन करने में किस हद तक जा सकते हैं, इस पर उनका जवाब था, "जहां तक हद हो सकती है, वहां तक तो जा ही सकता हूं. हद से मेरा मतलब कि किसी को संवेदनाओं को ठेस ना पहुंचे. बात कानून के दायरे में हो तो मुझे कोई दिक़्क़त नहीं."

क्या कंडोम का विज्ञापन भी कर लेंगे. इस पर मनोज बोले, "क्यों नहीं. ज़रूर. कंडोम का इस्तेमाल तो समझदारी की बात होती है. तो फिर उसका विज्ञापन करने में भला कैसा परहेज़."

'मेट्रो सेक्शुअल हूँ'

Image caption अपनी आने वाली फ़िल्म 'सत्याग्रह' के साथी कलाकारों के साथ मनोज बाजपेई.

मनोज को उनकी अभिनय प्रतिभा के लिए जाना जाता है. उन्होंने लार्जर दैन लाइफ़ किस्म के किरदार अदा नहीं किए हैं.

लेकिन 'ज़मीन से जुड़े इस अभिनेता' को मेट्रो सेक्शुअल मर्द कहलाने से कोई गुरेज़ नहीं है.

वो कहते हैं ,''देखिए हम एक्टर लोग हैं. हम अपनी देखभाल करते हैं. चाहे वो व्यायाम करके हो, अपनी त्वचा की रक्षा करके हो. मुझे लगता है हम सभी को ये करना चाहिए. अगर कोई क्रीम मेरे रंग को निखारे, मुझे थोड़ी सी चमक दे, तो उसे लगाने में क्या समस्या है. अच्छी, चमकदार त्वचा तो सभी चाहते हैं.''

'सत्याग्रह'

इन दिनों मनोज चर्चा में हैं प्रकाश झा की 'सत्याग्रह' को लेकर. इस फ़िल्म में वो भ्रष्ट और खुर्राट राजनेता का चरित्र निभा रहे हैं.

हमने उनसे जानना चाहा कि इस 'भ्रष्ट राजनेता' के रोल के लिए उन्होंने किससे प्रेरणा ली ?

इस पर वो बोले, '' कोई एक राजनेता नहीं बल्कि चार-पांच हैं. पर मैं उनके नाम नहीं बता सकता वरना लोग मुझे उजाड़ देंगे. मैं परिवारवाला आदमी हूँ. मेरी बेटी है ,पत्नी है. मैं उन सब चक्करों में नहीं पड़ता चाहता. पर हाँ ये ज़रूर बता सकता हूँ कि चार -पांच लोग अलग - अलग पार्टी से हैं. सभी पार्टी के धुरंधर राजनेताओं को पकड़कर मैंने ये रोल किया है. ''

'सत्याग्रह' 30 अगस्त को रिलीज होगी. प्रकाश झा की इस फ़िल्म में अमिताभ बच्चन, अर्जुन रामपाल, करीना कपूर और अजय देवगन की मुख्य भूमिकाएं हैं.

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