आरके स्टूडियो मेरी पहचान नहीं: रणबीर कपूर

फिल्म

आजकल अभिनेता रणबीर कपूर अपनी आने वाली फ़िल्म 'बेशर्म' के प्रमोशन में पूरी तरह व्यस्त हैं. वे मीडिया को भी खूब समय दे रहे हैं.

मीडिया से बातचीत में उन्होंने अपनी फ़िल्म 'बेशर्म' के अलावा आरके स्टूडियो, पापा ऋषि कपूर और कटरीना कैफ़ के साथ अपने कथित अफेयर के बारे में भी बात की. यहां उसी बातचीत के मुख्य अंश पेश हैं.

'पापा के लिए निकम्मा और बेशर्म हूं'

मेरे पापा ऋषि कपूर मीडिया फ्रेंडली नहीं हैं. हालांकि उनकी यही उम्र है मीडिया फ्रेंडली होने की.

ऐसा इसलिए है कि वे लीड ऐक्टर नहीं हैं. इसलिए उन्हें अपनी फ़िल्म प्रमोट करने की ज़्यादा ज़रूरत नहीं पड़ती.

पापा बहुत खुल कर बोल लेते हैं. वे जब भी कुछ ज़्यादा बोल जाते हैं, घर आने पर मम्मी से उन्हें बहुत डांट पड़ती है.

वे मुझे निकम्मा, बेवकूफ, बेशर्म भी बोलते हैं और मेरे जीवन का एक लक्ष्य है, मैं पापा को गलत साबित करूं.

'कटरीना बेहद ख़ास दोस्त हैं'

Image caption कहा जाता है कि ऋषि कपूर रणबीर कपूर की तरह मीडिया फ्रेंडली नहीं हैं.

मेरे निजी जीवन के बारे में बहुत अफवाहें उड़ती रहती हैं. मैं अपनी लाइफ को रिएलिटी शो नहीं बनाना चाहता.

हां, कैटरीना मेरी बहुत ख़ास दोस्त हैं. मैंने पहले भी बताया था.

मैंने अपने अनुभव से ये जाना है कि जब आप अपने रिश्तों के बारे में बेहद खुले होते हैं और दुर्भाग्य से वह रिश्ता शादी में नहीं बदल पाता तो ये बहुत दुखद स्थिति होती है.

समाज में अक्सर महिलाओं पर खूब टीका-टिप्पणी की जाती है. उन पर उंगली उठाई जाती है कि वह अमुक रिश्ते में थी. इस तरह की बातों पर रोक लगनी चाहिए.

अभी पिछले दिनों कटरीना के साथ मेरी कुछ तस्वीरों के सामने आने से काफ़ी हंगामा हुआ था.

मैं भी उम्र के उस दौर से गुज़र चुका हूं जब हम अपने चहेते ऐक्टर के बारे में छोटी से छोटी बात भी जानना चाहते थे.

आज हर कोई जर्नलिस्ट है. क्योंकि उनके पास कैमरा फोन है.

वो ट्विटर, फ़ेसबुक पर अपनी राय रख सकता है. एक अभिनेता होने के नाते आपको इन सबके लिए तैयार रहना चाहिए.

'मेरे बच्चों को आरके स्टूडियो की नहीं, मेरी छवि मिले'

आरके स्टूडियो का रुतबा राज कपूर से था. आज मैं जो कुछ कर रहा हूं अपनी बदौलत कर रहा हूं. मेरा अपना तरीका है, अपना नज़रिया है.

मैं आरके स्टूडियो की छवि के दम पर नहीं जी सकता. वो मेरे दादा का था. मेरी कोशिश है कि मैं अपने नज़रिए से दुनिया को अपनी किस्म की फ़िल्में दिखाऊं.

इसलिए मैं अनुराग बासु, इम्तियाज़ अली, अयान मुखर्जी के साथ फ़िल्में प्रोड्यूस कर रहा हूं. ये मेरी फ़िल्में हैं. मैं चाहता हूं कि आज से 20 साल बाद लोग मेरे प्रोडक्शन से मुझे जानें.

आरके स्टूडियो राजकपूर का था, ये मेरा होगा. मैं राजकपूर, ऋषि कपूर, और शम्मी कपूर की छाया तले नहीं रहना चाहता. मैं अपनी पहचान अलग बनाना चाहता हूं.

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