ऑस्कर नहीं, दर्शक़ ज़्यादा अहम: फ़रहान अख़्तर

इस साल भारत की तरफ़ से ऑस्कर के लिए आधिकारिक तौर पर गुजराती फ़िल्म 'द गुड रोड' भेजी गई जिसे लेकर ख़ासा विवाद भी हुआ.

ज्यूरी में शामिल फ़िल्मकार गौतम घोष ने भी माना था कि इरफ़ान की फ़िल्म 'लंचबॉक्स' इस सम्मान की ज़्यादा हक़दार थी.

दूसरी तरफ, फ़रहान अख़्तर की फ़िल्म 'भाग मिल्खा भाग' को भी इस साल दर्शकों और समीक्षकों दोनों की वाहवाही मिली. प्रख्यात भारतीय धावक मिल्खा सिंह के जीवन पर आधारित इस फ़िल्म को विदेश में भी बहुत सराहना मिली. तो क्या 'भाग मिल्खा भाग' के ऑस्कर में ना भेजे जाने पर फ़रहान भी नाराज़ हैं.

मुंबई में एक प्रमोशनल इवेंट के दौरान आए फरहान ने कहा, "मुझे इसे लेकर कोई अफसोस नहीं हैं, हम एक बेहतरीन फिल्म बनाना चाहते थे, फिल्म वैसी बनी और दर्शकों को पसंद आई. ऑस्कर के लिए बनी कमेटी जो निर्णय लेती है, वह ठीक होता है. मुझे इसे लेकर किसी से कोई शिकायत नहीं है.''

जब उनसे पूछा गया कि वह अपनी फिल्म की समीक्षाओं को कितनी गम्भीरता से लेते हैं, तो फरहान ने कहा, ''फिल्म को मिली हर समीक्षा महत्वपूर्ण नहीं होती. फिल्म बनाते वक्त इन सब चीजों से प्रेरणा नहीं मिलती. मेरे लिए दर्शकों की प्रतिक्रिया बहुत मायने रखती है.'

फरहान ऋतिक रोशन की आने वाली फिल्म 'कृष 3' देखने के लिए खासे उत्सुक हैं.

सफ़र

फ़रहान ने बतौर निर्देशक फ़िल्म इंडस्ट्री में कदम रखा था. उन्होंने आमिर ख़ान, सैफ़ अली ख़ान और अक्षय खन्ना को लेकर फ़िल्म 'दिल चाहता है' साल 2001 में बनाई थी. फ़िल्म को दर्शकों और समीक्षकों दोनों ने सराहा.

इसके बाद उन्होंने ऋतिक रोशन और प्रीति ज़िंटा को लेकर 'लक्ष्य' और फिर शाहरुख़ खान और प्रियंका चोपड़ा को लेकर 'डॉन2' बनाई. साल 2008 में उन्होंने बतौर अभिनेता अपने सफ़र की शुरुआत की फ़िल्म 'रॉक ऑन' से जिसे अभिषेक कपूर ने निर्देशित किया. फ़िल्म को ख़ासी वाहवाही मिली और फ़रहान के अभिनय को भी.

फ़रहान की बतौर अभिनेता अन्य फ़िल्में हैं, 'कार्तिक कॉलिंग कार्तिक', 'ज़िंदगी ना मिलेगी दोबारा' और ' भाग मिल्खा भाग'.

उनकी आने वाली फ़िल्म है 'शादी के साइड इफैक्ट्स' जिसमें वो विद्या बालन के साथ काम कर रहे हैं. और इसे वो अपने लिए बेहतरीन अनुभव मानते हैं.

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