सेक्स कॉमेडी देखने में आता है मज़ा: शरमन जोशी

'वॉर छोड़ो ना यार'
Image caption फ़िल्म 'वॉर छोड़ो ना यार' के कलाकार: (बाएं से) मुकुल देव, जावेद जाफ़री, सोहा अली ख़ान और शरमन जोशी.

अभिनेता शरमन जोशी को सेक्स कॉमेडी बहुत पसंद हैं, लेकिन वो ये कहने से बचते हैं कि ग्रैंड मस्ती जैसी फिल्मों में काम करेंगे या नहीं.

निर्देशक इंद्र कुमार की हालिया सेक्स-कॉमेडी फ़िल्म 'ग्रैंड मस्ती' को समीक्षकों ने जमकर लताड़ा.

फ़िल्म को इसके द्विअर्थी संवादों और विषय-वस्तु के लिए कड़ी आलोचना मिली लेकिन फिर भी बॉक्स आफिस पर फ़िल्म का प्रदर्शन जोरदार रहा और इसने दुनिया भर में 100 करोड़ रुपए का कारोबार कर लिया.

कई कॉमेडी फ़िल्मों का हिस्सा रह चुके अभिनेता शरमन जोशी भी क्या ऐसी फ़िल्मों का हिस्सा बनना चाहेंगे, जब बीबीसी ने उनसे पूछा तो वो बोले, "मुझे सेक्स कॉमेडी देखने में तो बड़ा मज़ा आता है. लेकिन क्या मैं ऐसी फ़िल्में करूंगा ये मैं नहीं कह सकता."

आने वाली फिल्म

शरमन जोशी की आने वाली फ़िल्में है 'वॉर छोड़ो ना यार' जो 11 अक्टूबर को रिलीज़ हो रही है. फ़िल्म के निर्देशक हैं फ़राज़ हैदर और इसमें जावेद जाफ़री और सोहा अली ख़ान की भी मुख्य भूमिका है.

इस फ़िल्म को शरमन भारत की पहली 'वॉर कॉमेडी' करार देते हैं. जावेद जाफ़री की कॉमिक सेंस और टाइमिंग की वो ज़बरदस्त तारीफ़ करते हैं.

सोहा अली ख़ान के साथ वो इससे पहले 'शादी नंबर 1' और 'रंग दे बसंती' जैसी फ़िल्में कर चुके हैं.

वो कहते हैं, "रंग दे बसंती में काम करते हुए मैंने, आमिर, माधवन, सोहा ने बेहद लुत्फ़ उठाया था. इस फ़िल्म में सोहा के साथ काम करके लगा जैसे उसी सिलसिले को हम आगे बढ़ा रहे हैं. सोहा का सेंस ऑफ़ ह्यूमर ज़बरदस्त है. वो बतौर कलाकार भी निखर गई हैं."

शुरुआत

शरमन ने अपने अभिनय करियर की शुरुआती गुजराती थिएटर से की थी.

उनके पिता अरविंद जोशी गुजराती थिएटर और फ़िल्मों के जाने-माने आर्टिस्ट थे. शरमन की पहली फिल्म 'गॉडमदर' थी.

उन्होंने बताया कि शुरुआत में उनकी कॉमिक टाइमिंग बहुत ख़राब थी.

Image caption शरमन जोशी कहते हैं कि वो 'ग्रैंड मस्ती' जैसी सेक्स कॉमेडी देखना पसंद करते हैं.

शरमन के मुताबिक़, "लोगों ने मेरी बड़ी आलोचना की लेकिन हमारे निर्देशक शफ़ी ईनामदार ने मुझे बड़ा हौसला दिया. प्ले के क़रीब 50 शो होने के बाद जाकर मेरे अभिनय में सुधार आया."

शरमन 'गोलमाल', 'स्टाइल' और 'एक्सक्यूज़ मी' जैसी कई कॉमेडी फ़िल्में कर चुके हैं लेकिन इऩ फ़िल्मों पर सस्ती कॉमेडी होने के आरोप लगे.

वो कहते हैं, "मैं इस तरह की फ़िल्में कर चुका हूं और अब ऐसी और फ़िल्में करने की फ़िलहाल तमन्ना नहीं है. मैं गोलमाल सीरीज़, स्टाइल वगैरह से हटकर कुछ करना चाहता हूं. देखते हैं क्या होता है आगे."

शरमन जोशी को आमिर ख़ान के साथ की गई 'रंग दे बसंती' और '3 इडियट्स' से विशेष पहचान मिली.

विधु विनोद चोपड़ा की 'फ़ेरारी की सवारी' में भी उनके अभिनय को सराहा गया.

'वॉर छोड़ो ना यार' के अलावा वो 'थ्री बैचलर्स' नाम की एक फ़िल्म में भी काम कर रहे हैं.

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