जया के लिए लता अलग ही सुर में गाती थींः अमिताभ

अमिताभ बच्चन

अमिताभ बच्चन को हिंदी फिल्म उद्योग में उनके योगदान के लिए ह्रदयनाथ मंगेशकर पुरस्कार से कुछ दिन पहले सम्मानित किया गया. अमिताभ को यह पुरस्कार जानी मानी पार्श्व गायिका लता मंगेशकर देने वाली थीं.

लता मंगेशकर अपने खराब स्वास्थ्य के कारण नहीं आ सकीं. उन्होंने आदिनाथ मंगेशकर के मोबाइल पर अमिताभ को अपनी शुभकामनाएं दीं.

यह मौका कई मौकों का गवाह बना. लता मंगेशकर के छोटे भाई पंडित ह्रदयनाथ मंगेशकर का 76वां जन्मदिवस मनाया गया. ह्रदयनाथ आर्ट्स की 24वीं वर्षगांठ के साथ साथ अमिताभ का 71 वां जन्मदिन भी उनके चाहने वालों ने सेलिब्रेट किया.

यह मौका इस मायने में भी खास रहा कि भारतरत्न लता मंगेशकर ने गायन के क्षेत्र में 71 साल पूरे हुए.

एक ताजमहल, एक लता

अमिताभ ने लता जी के प्रति अपना आभार प्रकट करते हुए उनकी प्रशंसा की.

उन्होंने बताया, "जब मैं अपने पूज्य बाबूजी से पूछता था कि लता जी का वर्णन करना हो तो किन शब्दों में किया जाए तो बाबूजी ज्यादा नहीं बोलते थे. चंद ही शब्दों में अपनी बात रखते थे. उन्होंने कहा कि सुर ऐसा तार है जो ईश्वर के साथ जुड़ा है. जब सुर सही लगता है तो वह झंकृत हो जाता है. लता जी जब गाती हैं तो वो तार हमेशा झंकृत होता है, सीधा ईश्वर से जाकर मिलता है."

अमिताभ बच्चन ने कहा कि मैंने लता जी की प्रशंसा में कई जगहों पर ये कहा कि हमारे जो पड़ोसी देश हैं, वे कहते हैं कि हमारे पास सब कुछ है जो भारत में है, बस दो चीजें नहीं हैं. एक ताजमहल, और एक लता मंगेशकर.

लता मंगेशकर के गायन के 71 साल पूरे हुए. लता मंगेशकर ने 13 साल की उम्र में साल 1942 में गाना शुरू किया था. सात दशक के अपने गायन के करियर में उन्होंने हिंदी ही नहीं कई क्षेत्रीय भाषाओं में गाने गाए.

एक कला के प्रति समर्पण

अमिताभ ने कहा, "जब मैं पैदा हुआ तब से आज तक लता जी का सुर ताल हमारे बीच है. साल 2013 में भारतीय फिल्म उद्योग को 100 वर्ष पूरे हो गए हैं. 100 वर्षों में से 71 वर्ष लता जी का योगदान रहा ये कोई छोटी बात नहीं है."

वे आगे बोले "और जब आप अनुमान लगाएंगे तो पता चलेगा कि लता जी की तुलना तो हो ही नहीं सकती है. जितने भी और बड़े दिग्गज हैं उन्होंने फिल्म उद्योग को काफी सम्मानित किया है, बड़ा नाम दिया है. मगर 71 साल एक ही व्यवसाय को, एक ही कार्य को, एक ही कला को अपना योगदान देना ये शायद मैं पहली बार सुन रहा हूं."

लता जी के रिकॉर्ड न केवल भारत में बल्कि विश्व भर में फैले हुए हैं.

ये कोई पहला मौका नहीं था कि अमिताभ ने लता जी की बड़ाई की हो. उनका साथ पुराना है. एक दूसरे के प्रति अपने प्यार को अमिताभ और लता मंगेशकर कई मौकों पर जता चुके हैं.

अमिताभ ने कहा, कि जब भी लता जी ने मुझे और मेरे परिवार को आमंत्रित किया है, या कभी मिलना चाहा है, या कभी कहीं आने का न्योता दिया है, तो हमने स्वीकार किया है. क्योंकि न जाने क्यों हमारे समस्त परिवार के ऊपर उनका स्नेह रहा है.

जया के लिए गाने का खास अंदाज

जया बच्चन के लिए लता मंगेशकर ने ढेर सारे गाने गाए. उनमें से कई गाने सुपरहिट हुए. जैसे अभिमान फिल्म का जया भादुड़ी पर फिल्माया लता मंगेशकर की आवाज में गाना, पिया बिना...

अमिताभ ने कहा, "मैं बताना चाहता हूं कि जब भी लता जी को कोई ऐसा गाना मिलता था जो जया के लिए गाना होता था, तो न जाने क्यों मुझे ऐसा लगता है उनका सुर और लय एकदम अलग होता था. मैं लता जी के प्रति अपना आभार प्रकट करना चाहता हूं कि जब भी मैं जया पर फिल्माया गाना सुनता हूं तो लगता है कि लता जी ने खासतौर से उनके लिए गाया है."

इसी दौरान अभिनेता अमिताभ ने मुंबई के प्रति अपना प्यार जाहिर करते हुए कहा कि जो कुछ भी मुझे मिला है वो मुंबई ने दिया है. कला, पत्नी, घर, बच्चे सब मुझे मुंबई में मिले.

Image caption लता मंगेशकर अमिताभ बच्चन का हिंदी सिनेमा जगत में योगदान को अमूल्य मानती हैं.

इस विशेष अवसर पर संगीत कार्यक्रम भी आयोजित किया गया था. इस कार्यक्रम में सुदेश भोसले, सिद्धांत भोसले, शान, साधना सरगम, सुनिधि चौहान, महालक्ष्मी अय्यर, विभावरी आप्टे, और कई गायकों ने मशहूर गाने गाए. हरीश भिमानी अपने रंग में थे. जया बच्चन, ह्रदयनाथ मंगेशकर, अविनाश प्रभावलकर, आदिनाथ मंगेशकर, हेमा भोसले, श्रुति भोसले, अशोक कुमार सरफ, प्रवीण कुमार सरफ और अन्य मेहमान भी इस अवसर पर उपस्थित रहें.

पार्ले तिलक विद्यालय का ओपेन एयर स्थल मधुर गीत और संगीत से गूंजता रहा.

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