दिलीप कुमार का जन्मदिन और पेशावर में कटा

  • 11 दिसंबर 2013

हिंदी फिल्मों के महान अभिनेता दिलीप कुमार का जन्मदिन भारत में फ़िल्म उद्योग और उनके प्रशंसक तो मनाते ही हैं, पाकिस्तान में उनके जन्म स्थान पेशावर में भी उनका जन्मदिन मनाया गया.

बाक़ायदा केक काटा गया और फ़ोन लाइन पर मौजूद थे दिलीप कुमार और उनकी पत्नी सायरा बानो. फ़ोन लाइन पर अभिनेत्री वहीदा रहमान और कॉमेडियन जॉनी लीवर भी थे.

पेशावर की मशहूर गली किस्सा ख्वानी में दिलीप कुमार का घर था. 1922 में इसी गली के एक मकान में दिलीप कुमार का जन्म हुआ था.

दिलीप कुमार भले ही पेशावर से मुंबई चले गए लेकिन इस शहर से उनका नाता कभी नहीं टूटा. यहां के लोगों ने भी उन्हें कभी नहीं भुलाया.

सायरा बानो ने बताया कि हर साल दिलीप साहब के जन्मदिन से कई दिन पहले ही बधाइयों का सिलसिला शुरू हो जाता है और दुनिया भर से लोग फ़ोन करते हैं लेकिन पेशावर से आने वाली मुबारक़बाद दिलीप कुमार के लिए ख़ास मायने रखती है.

सायरा बानो ने बताया कि दिलीप साहब की तबीयत अब काफ़ी बेहतर है और छह दिंसबर को वे पारिवारिक शादी में शामिल भी हुए थे.

'कॉमेडी किंग'

वहीदा रहमान और जॉनी लीवर भी पेशावर में हुए इस जश्न में शामिल हुए- फ़ोन के ज़रिए.

'दिल दिया दर्द लिया' समेत दिलीप कुमार के साथ चार फिल्मों में काम करने वाली वहीदा रहमान ने भी अपनी यादें बांटी.

वहीदा रहमान ने बताया, "दिलीप कुमार के साथ काम करना बहुत अच्छा अनुभव होता था. वे साथी कलाकार को समझते थे. एकदम जेंटलमैन थे."

उन्होंने कहास "लोग उन्हें ट्रैजडी किंग कहते हैं लेकिन मैं तो उन्हें कॉमेडी किंग भी मानती हूं. सेट पर हम सब लोग अपने अपने साथ किताबें लेकर आते थे, पढ़ने के लिए. तो दिलीप कुमार के साथ चर्चा हुआ करती थी कि किसको कौन सी किताब अच्छी लगी."

'दिलीप कुमार से सीखा'

दिलीप कुमार 80 के दशक में पेशावर गए थे और अपने घर भी गए थे. अपने ब्लॉग पर भी वे कभी कभी अपने पुराने घर को याद करते हैं.

Image caption भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए दिलीप कुमार को दादा साहब फाल्के सम्मान मिल चुका है

पिछले साल उनके पुश्तैनी घर को पाकिस्तान ने औपचारिक रूप से राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया था और उसे ख़रीदने का फ़ैसला लिया है.

कॉमेडी किरदारों के लिए मशहूर जॉनी लीवर ने भी पेशावर में बैठे लोगों से दिलीप कुमार की यादें सांझा की.

जॉनी लीवर ने बताया कि दिलीप कुमार अकसर चैरिटी संस्थाओं की बहुत मदद किया करते थे और अच्छे कलाकार होने के साथ-साथ बेहतर इंसान कैसे बना जाए, ये उन्होंने दिलीप कुमार से सीखा.

उन्होंने खुशी जताई कि पेशावर में दिलीप कुमार का जन्मदिन मनाया जा रहा है.

'कभी-कभी' जैसी फ़िल्मों के लेखक सागर सरहदी ने इस मौके पर बताया कि एक बार अमिताभ बच्चन ने कहा था कि अगर कोई कलाकार ये कहता है कि उन्होंने दिलीप कुमार कुछ नहीं सीखा तो वो झूठ बोल रहा है.

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