टीवी शोज़ में महिलाओं का शोषण पसंद नहीं: आशा पारेख

आशा पारेख
Image caption आशा पारेख को मौजूदा दौर के टीवी कार्यक्रम पसंद नहीं है.

60 और 70 के दशक की मशहूर अभिनेत्री आशा पारेख को मौजूदा टीवी कार्यक्रमों के कंटेट से सख़्त शिकायत है. हालांकि अपने फ़िल्मी करियर से ब्रेक लेने के बाद वो कुछ समय तक टीवी इंडस्ट्री में सक्रिय रहीं और उन्होंने 'कोरा काग़ज़' जैसे सुपरहिट सीरियल का निर्माण भी किया लेकिन फ़िलहाल वो टीवी से दूर ही रहना चाहती हैं.

मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए आशा पारेख ने कहा, "मैंने कुछ टीवी कार्यक्रम बनाए. मैं उनसे बहुत ख़ुश हूं. लेकिन अब के कई सीरियल बड़े दुखदायी हैं. उन्हें देखकर मैं परेशान हो जाती हूं."

भला इसकी क्या वजह है ? आशा पारेख ने जवाब दिया, "सीरियलों में महिलाओं पर जो अत्याचार दिखाया जाता है मुझे वो पसंद नहीं है. ऐसे कार्यक्रम बिलकुल नहीं बनाए जाने चाहिए."

'भारतीय नृत्य ग़ायब'

आशा पारेख ने कहा कि उन्हें रियलिटी शोज़ देखना ज़्यादा पसंद है.

उन्होंने कहा, "मुझे डांस रियलिटी शोज़ देखना पसंद है. मैं माधुरी दीक्षित की प्रशंसक हूं. झलक दिखला जा जैसे शो मैं देखती हूं."

आशा पारेख ख़ुद एक पारंगत कत्थत नृत्यांगना हैं. उनका मानना है कि आजकल की फ़िल्मों में नृत्य कम हो गया है.

आशा के मुताबिक़, "शुद्ध नृत्य अब देखने नहीं मिलता. फ़िल्मों में मिले जुले डांस का ज़माना है. भारतीय और पाश्चात्य नृत्य शैली को मिलाकर कुछ नया ही देखने को मिलता है जो पहले नहीं होता था. हम विदेशी डांस से प्रभावित होते जा रहे हैं और परंपरागत भारतीय नृत्यों को भूलते जा रहे हैं. काश हम अपने लोकृत्यों का समावेश अपनी फ़िल्मों में कर पाएं."

आशा पारेख ने 1950 के दशक में बतौर बाल कलाकार अपना फ़िल्मी करियर शुरू किया. 60 के दशक में उन्होंने 'जब प्यार किसी से होता है', 'फिर वही दिल लाया हूं', 'ज़िद्दी', 'तीसरी मंज़िल' और 'प्यार का मौसम' जैसी सुपरहिट फ़िल्में दीं.

70 के दशक में उन्होंने तत्कालीन सुपरस्टार राजेश खन्ना के साथ 'कटी पतंग' और 'आन मिलो सजना' जैसी सुपरहिट फ़िल्में दीं. राजेश खन्ना के अलावा उनकी जोड़ी शम्मी कपूर के साथ भी काफ़ी हिट रही.

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