हॉलीवुड में काम करना चाहते हैं नवाज़ुद्दीन

नवाज़ुद्दीन सिद्दिकी

'गैंग्स ऑफ वासेपुर' और 'लंच बॉक्स' जैसी फिल्मों में अपने अभिनय का जलवा दिखा चुके एक्टर नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी इन दिनों अपनी आने वाली फ़िल्म 'मिस लवली' को लेकर खासे उत्साहित हैं.

निर्देशक अश्मिन अहलूवालिया की फ़िल्म 'मिस लवली' इस महीने भारत में रिलीज़ हो रही है. ये फ़िल्म दो भाइयों की कहानी है जो सी-ग्रेड फिल्में बनाते हैं. नवाज़ इस फ़िल्म में छोटे भाई के किरदार में नज़र आएंगे.

ये फ़िल्म पिछले साल 'कान फ़िल्म फेस्टिवल' और 'टोरंटो इंटरनेशनल फ़िल्म फेस्टिवल' के अलावा कई और जगहों पर रिलीज़ हो चुकी है, जहां इसे काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला था.

'हॉलीवुड किरदार की तलाश'

अभिनेता नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी हॉलीवुड में एंट्री की तैयारी कर रहे हैं. हिंदी सिनेमा में ख़ुद को एक लीड एक्टर के तौर पर स्थापित करने में नवाज़ को 14 साल का लंबा समय लग गया, लेकिन हॉलीवुड में वह अपनी एंट्री के लिए और देर नहीं करना चाहते.

नवाज़ हॉलीवुड फ़िल्म निर्माताओं के संपर्क में हैं और जल्द ही किसी लीड रोल में नज़र आ सकते हैं.

Image caption नवाज़ुद्दीन हॉलीवुड फ़िल्म निर्माताओं के संपर्क में हैं.

वह कहते हैं, "अभी बात हो रही है, ऊपरवाले ने चाहा तो बहुत जल्दी आपको ख़बर मिल जाएगी."

'छोटे-मोटे रोल नहीं करने'

हॉलीवुड में भारतीय कलाकारों के काम करने का चलन काफी पुराना है. अनुपम खेर, ओम पुरी, अनिल कपूर, ऐश्वर्या राय बच्चन, मल्लिका शेरावत और इरफ़ान ख़ान तक हॉलीवुड फिल्मों में काम कर चुके हैं.

हालांकि इनमें से बहुत कम कलाकारों को लीड रोल मिला है.

नवाज़ुद्दीन से ये पूछने पर कि वह हॉलीवुड में किस तरह के रोल करना चाहते हैं, वह कहते हैं, "मेरा ध्यान लीड रोल पर है, चाहे वह इंटरनेशनल फ़िल्म हों या अपने देश की फ़िल्म. हमारे देश में काफी अच्छा सिनेमा बन रहा है."

नवाज़ुद्दीन आगे कहते हैं, "मैं कोशिश करूंगा कि अगर मैं इंटरनेशनल फिल्में भी करता हूं तो लीड रोल करूं. अमूमन हमारे एक्टर्स वहां की फिल्मों में छोटे-मोटे रोल कर लेते हैं. मैं वह नहीं करना चाहता."

अच्छी स्क्रिप्ट ही चाहिए

आने वाले दिनों में नवाज़ अच्छी स्क्रिप्ट पर ही काम करना चाहते हैं, फिर चाहे फ़िल्म किसी भी शैली की हो.

पिछले साल आई फ़िल्म ‘लंच बॉक्स’ में नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी की कॉमेडी दर्शकों को काफी पसंद आई थी. नवाज़ के मुताबिक वह सेक्स-कॉमेडी फ़िल्म में भी काम करना चाहेंगे, बशर्ते फ़िल्म की स्क्रिप्ट दमदार हो और उनका किरदार वास्तविक हो.

वह कहते हैं, "अगर एक अच्छा किरदार है, लेकिन उसकी भाषा खराब है, तो भी मैं करूंगा. क्योंकि वह सिर्फ एक किरदार है."

"अगर वह किरदार वास्तविक दुनिया में पाया जाता है, लेकिन उसकी भाषा अभद्र है… तो ऐसे किरदार करने में मेरी दिलचस्पी होगी बजाय इसके कि लोगों को हंसाने के लिए जोक लिखे जाएं... वह मुझसे शायद बहुत मुश्किल से होगा."

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