मोदी के सामने लता के 'ऐ मेरे वतन के लोगों' का जश्न

नरेंद्र मोदी, लता मंगेशकर

नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में मनेगा लता मंगेशकर के गाए गीत 'ऐ मेरे वतन के लोगों' के 50 साल पूरा होने का जश्न, 71 साल के अमिताभ बच्चन का रिटायर से साफ़ इनकार और साल 2013 में लगातार चार ब्लॉक बस्टर देने के बावजूद दीपिका पादुकोण नहीं मानतीं अपने आपको नंबर वन एक्ट्रेस. ख़बरें मुंबई डायरी में.

'ऐ मेरे वतन के लोगों'

लता मंगेशकर के गाए और कवि प्रदीप द्वारा रचित मशहूर गीत 'ऐ मेरे वतन के लोगों' के 50 साल पूरे होने का जश्न धूमधाम से मनाने की पूरी तैयारी हो चुकी है.

27 जनवरी को मुंबई में इस गीत के स्वर्ण जयंती समारोह को धूमधाम से मनाया जाएगा और आयोजकों के मुताबिक़ एक लाख गायक लता के गाए इस गीत को एक साथ गाएंगे.

ख़ुद लता मंगेशकर इस मौक़े पर मौजूद रहेंगीं. वो गुजरात के मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के साथ मंच साझा करेंगीं.

आयोजकों के मुताबिक़ संभावना है कि लता मंगेशकर भी इन गायकों के सुर में सुर मिला सकती हैं.

27 जनवरी, 1963 के दिन ही भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की मौजूदगी में पहली बार लता मंगेशकर ने 'ऐ मेरे वतन के लोगों' गीत गाया था.

उन्होंने ये गाना वर्ष 1962 के भारत-चीन युद्ध में शहीद हुए भारतीय सैनिकों की याद में गाया था.

'मैं नहीं नंबर वन'

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Image caption दीपिका पादुकोण ने साल 2013 में चार ब्लॉक बस्टर फ़िल्में दीं.

साल 2013 में 'रेस-2', 'ये जवानी है दीवानी', 'चेन्नई एक्सप्रेस' और 'रामलीला' जैसी चार सुपर हिट फ़िल्में देने के बावजूद दीपिका पादुकोण अपने आपको कतई नंबर वन एक्ट्रेस नहीं मानतीं.

वो कहती हैं, "मैं नहीं मानती कि मैं नंबर वन हूं लेकिन जब लोग ऐसा कहते हैं तो ख़ुशी होती है. जहां तक फ़िल्मों की कमाई की बात है तो मुझे इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता. मैं बस अच्छी फ़िल्में करना चाहती हूं."

साल 2014 में दीपिका पादुकोण शाहरुख़ ख़ान के साथ फ़िल्म 'हैप्पी न्यू ईयर' में दिखेंगी. साथ ही वो रजनीकांत के साथ फ़िल्म 'कोचैडियान' में भी दिखेंगी.

अभी तो मैं जवान हूं !

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चार दशकों से भी ज़्यादा समय से फ़िल्मी मैदान में सक्रिय 71 साल के अमिताभ बच्चन का रिटायर होने का कोई इरादा नहीं है. इंदौर में आयोजित एक समारोह में अमिताभ ने कहा, "अगर मैं काम करना छोड़ दूंगा तो शायद बीमार पड़ जाऊंगा. हम सबके लिए काम करते रहना बहुत ज़रूरी है. शरीर और दिमाग को व्यस्त रखना चाहिए."

अमिताभ ने कहा ये भी कहा, "90 के दशक में परिवार और दोस्तों की सलाह पर मैंने तीन-चार साल का ब्रेक ले लिया था. मैं आज भी उसे अपनी ज़िंदगी का सबसे बुरा फ़ैसला मानता हूं."

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