मौक़ा नहीं मिला सलमान के साथ: जूही

  • 12 फरवरी 2014
सलामन ख़ान और जूही चावला

साल 1984 की मिस इंडिया रहीं फ़िल्म अभिनेत्री जूही चावला आजकल अपनी फ़िल्म 'गुलाब गैंग' के चलते सुर्ख़ियों में बनी हुई हैं. चुलबुले और रोमैंटिक किरदार करने वाली जूही चावला फ़िल्म 'गुलाब गैंग' में बिल्कुल अलग ही अंदाज़ में नज़र आएँगी.

अपनी फ़िल्म प्रोमोशन के दौरान बीबीसी ने उनसे बातचीत की और जाना कि इतने साल इंडस्ट्री में बिताने के बावजूद आख़िर सलमान के साथ लोग उन्हे पर्दे पर क्यों नहीं देख पाए.

इस सवाल के जवाब में जूही ने अपना दिल खोल कर रख दिया और बताया कि उनकी कितनी तमन्ना थी सलमान के साथ काम करने की.

इमेज कॉपीरइट pr

'मौक़ा नहीं मिला सलमान के साथ'

जूही ने लगभग सभी बड़े कलाकारों के साथ काम किया है. उनमें शाहरुख़ ख़ान, आमिर ख़ान, अमिताभ बच्चन और अक्षय कुमार शामिल हैं. पर सलमान ख़ान के साथ इनकी एक भी फ़िल्म नहीं आई. क्या इन्हें कभी कोई फ़िल्म सलमान ख़ान के साथ मिली ही नहीं या मिली तो इन्होनें की ही नहीं?

जब ये सवाल हमने जूही से पूछा तो वे बोलीं, ''ये आप सलमान से क्यों नहीं पूछते क्योंकि हमारी फ़िल्म इंडस्ट्री में हीरोइन अपने हीरो को नहीं चुनती बल्कि हीरो ख़ुद अपनी हीरोइन को चुनता है. तो आप उनके पास जाकर ये सवाल पूछिए.''

पर क्या उन्हें सलमान के साथ कभी कोई फ़िल्म करने का मौक़ा मिला? इस पर जूही बोलीं, ''सच बताऊँ तो मुझे याद ही नहीं है कि ऐसा कुछ हुआ था. पर काश मुझे 'हम आपके हैं कौन' ऑफ़र हुई होती तो मैं ज़रूर सलमान के साथ काम करती.''

‘मुझे लगा सौमिक का दिमाग़ ख़राब हो गया है’

फ़िल्म 'गुलाब गैंग' में जूही चावला के किरदार का नाम है सुमित्रा देवी. पर जूही को जब इस फ़िल्म के निर्देशक सौमिक सेन ने कहानी सुनाई और उनके किरदार के बारे में बताया तो जूही को लगा कि कहीं लोग इनका मज़ाक़ तो नहीं बनाएंगे?

वे कहती हैं, ''जब सौमिक ने घर पर आकर मुझे इस फ़िल्म और किरदार के बारे में बताया तो मुझे लगा की सौमिक का दिमाग़ ख़राब हो गया है. इन्होनें ऐसा कैसे सोच लिया कि मैं ये किरदार कर पाऊंगी? कहीं लोग मेरा मज़ाक़ तो नहीं बनाएंगे क्यूंकि मैंने कभी भी ऐसा किरदार नहीं निभाया. ये किरदार बहुत ही सरफिरी ,निर्दय, चालाक है और इसके पीछे कोई कारण नहीं है वो बस ऐसी ही है.''

इमेज कॉपीरइट sahara movie studios

ज़ूही आगे कहती हैं, ''सुमित्रा देवी जो उनका किरदार है वो एक राजनेता है और वो लोगों को अपने मतलब के लिए इस्तेमाल करती है. उसके दिल में कुछ और है और बाहर कुछ और तो बहुत ही टेढ़ा मेढ़ा चरित्र है.''

जूही ने ये भी बताया की उन्होनें कई हफ़्तों तक इस फ़िल्म के बारे में सोचा फिर कहीं जाकर इस फ़िल्म को करने का फ़ैसला लिया.

उन्होंने कहा, ''मैंने ये फ़िल्म कुछ कारणों के लिए की. उनमें से एक कारण था इस फ़िल्म की स्क्रिप्ट जिसमें सिर्फ़ दो अहम किरदार हैं और मुझे ये मानना ही पड़ा की इस फ़िल्म की हीरो माधुरी दीक्षित ही हैं. वो ही हैं जो नाच गाना करती हैं और अंत में वही विलन को मारती हैं. और दूसरा कारण था मेरा चरित्र 'सुमित्रा देवी' का. जब ये विलन फ़िल्म में आती है तो इस फ़िल्म में कुछ नमक मिर्ची आती है और उसी से इस फ़िल्म में मसला आता है.''

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार