जॉर्ज क्लूनीः फ़िल्म निर्देशन पेंटिग बनाने जैसा

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हॉलीवुड सुपरस्टार निर्माता और निर्देशक जॉर्ज क्लूनी दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान कलाकृतियों को बचाने वाली टुकड़ी की रोमांचक कहानी से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने इस पर एक फ़िल्म बनाने की ठान ली.

मैंने उनसे नेशनल गैलरी में फ़िल्म 'द मॉन्यूमेंट्स मेन' के लेखन, प्रोडक्शन, निर्देशन और अभिनय के बारे में बात की.

यह फ़िल्म दूसरे विश्वयुद्ध की उस सैन्य टुकड़ी की कहानी है जिसने महत्वपूर्ण कलाकृतियों को हिटलर औऱ नाज़ी सैनिको से बचाने की ज़िम्मेदारी संभाली थी.

जॉर्ज क्लूनी बताते हैं कि इस फ़िल्म की कहानी रॉबर्ट एम एडेसल की किताब पर आधारित है. वे इसमें दो कहानियां हैं महिलाओं और पुरुषों का एक समूह रोजेनबर्ग और आइज़नहावर के द्वारा कलाकृतियों की रक्षा के लिए भेजा गया था. विशेषकर यूरोप में इटली की ओर बढ़ती जर्मन सेना से प्रमुख ऐतिहासिक धरोहरों को बचाने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी.

इस काम के दौरान धीरे-धीरे उनको और ज़्यादा समझ में आया कि हिटलर और नाज़ी सेना जिन देशों को हरा रही थी वहाँ कीमहत्वपूर्ण कलाकृतियोंको चुरा रही थी और सांस्कृतिक धरोहरों को सुनियोजित तरीके से नष्ट कर रही थी. इस युद्ध के दौरान वहाँ भेजे गए इन लोगों का उद्देश्य था कि कैसे महान सांस्कृतिक धरोहरों को बचाया जाए. वहाँ भेजे गए लोगों का मकसद पचास लाख कलाकृतियों को बचाना था.

इस फ़िल्म के पात्र बहुत संजीदगी के साथ अपनी भूमिकाओं को निभाते हैं.

निर्देशक और पेंटर

हमने उनसे पूछा कि इन कलाकृतियों को बचाने के बारे में वो क्या सोचते हैं?

क्लूनी कहते हैं, "इस फ़िल्म की कहानी कालकृतियों को बचाने से ज़्यादा यह बताने के बारे में थी कि हिटलर आपकी हत्या ही नहीं करता, आपको जीतने के साथ-साथ इन सारी उपलबध्यियों को इतिहास से ऐसे मिटा देना चाहता था जैसे कि उऩका कभी अस्तित्व ही न रहो हो."

क्लूनी से हमने यह भी पूछा कि फ़िल्म के अभिनेता, प्रोड्यूसर, निर्देशक लेखक सारे काम अकेले कैसे कर सके?

इसके जवाब में वो बोले, "ऐसा निश्चित तौर पर नहीं कहा जा सकता है. दूसरे लोगों को निर्देशित करना खुद को निर्देशित करने की तुलना में ज्यादा मुश्किल काम है. फ़िल्म का निर्देशक एक पेंटर की तरह होता है. लेखन, अभिनय, निर्देशन सब कुछ एक पेंटिग की तरह है. एक निर्देशक पेंटर वाली भूमिका में इन सारी चीज़ों को एक साथ लाता है."

इस फ़िल्म में रूस को थोड़ा नकारात्मक रूप से दिखाया है. हमने क्लूनी से भी इसकी वजह पूछी तो क्लूनी बोले, "रूस को लेकर दुनिया में इस समय मिली-जुली प्रतिक्रिया है. रूस में समलैंगिकों को लेकर जो रवैया अख़्तियार किया है वो समझ से परे है."

हमने क्लूनी से जानना चाहा कि अमरीका में अगर हिलेरी क्लिंटन राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ती है तो क्या वो उनके लिए प्रचार करेंगे ?

क्लूनी ने बग़ैर कोई समय लिए कहा कि हिलेरी स्मार्ट नेता हैं. उनके चुनाव लड़ने को कोई घोषणा तो नहीं हुई है लेकिन हुई तो वो ऐसा करूंगा.

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