सलीम खानः मोदी से मेरे निजी संबंध हैं, कांग्रेस का वोटर हूँ

पटकथा लेखक सलीम खान इमेज कॉपीरइट AFP

अभिनेता सलमान ख़ान के पिता और पटकथा लेखक सलीम ख़ान ने कहा है कि नरेन्द्र मोदी से उनके निजी संबंध हैं लेकिन वो हमेशा कांग्रेस को वोट देते रहे हैं.

सलीम ने बुधवार को नरेंद्र मोदी की आधिकारिक वेबसाइट के उर्दू संस्करण का उद्घाटन किया. लेकिन सलीम ख़ान ने भारतीय जनता पार्टी का समर्थन करने से इनकार किया है.

सलीम ख़ान ने मीडिया से कहा, "नरेंद्र मोदी से मेरे निजी संबंध है. यदि मेरा पड़ोसी भी मुझसे कुछ कहेगा तो मैं उसके लिए वो करूंगा. इसके अलावा ये मेरा उर्दू के लिए प्यार है."

उन्होंने आगे कहा, "मुझ पर पहले भी कई बार ये आरोप लगाए गए कि मैं नरेंद्र मोदी जी का विज्ञापन कर रहा हूं लेकिन मेरा उनकी पार्टी भाजपा से कोई संबंध हैं."

अभिनेता मनोज कुमार ने सलीम ख़ान का बचाव किया है. वहीं फ़िल्म निर्माता मधुर भंडारकर ने नरेंद्र मोदी की तारीफ़ की है.

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कांग्रेस का वोटर

सलीम ख़ान ने भाजपा के साथ अपने रिश्तों के बारे में कहा, "मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि मैं कांग्रेस का एक निष्ठावान वोटर हूं. मैं जब भी वोट देता हूं, कांग्रेस को ही देता हूं. हां, इधर कांग्रेस से थोड़ा मायूस हुआ हूं. लेकिन फिर भी कोई अच्छा प्रत्याशी हुआ तो मैं उसी को अपना वोट दूंगा."

उन्होंने स्पष्ट रूप से अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनका संबंध भाजपा से नहीं है. वे कहते हैं, "लेकिन भाजपा में मेरे कई दोस्त हैं. जसवंत सिंह और शत्रुध्न सिन्हा से मेरे बहुत अच्छे ताल्लुकात हैं. मुझे लोगों से बात करने या उनसे संबंध बनाने से कोई नहीं रोक सकता."

वे आगे कहते हैं कि "मुझे कई बार सीट ऑफर हुई, चुनाव लड़ने के विए कहा गया. राज्य सभा सीट के लिए ऑफर दिया गया. हमारे कौल साहब एक बात कहा करते थे जो मुझपर भी लागू होती है कि जिसमें आपकी दिलचस्पी नहीं, उसमें आप तरक्की कर ही नहीं सकते. और मुझे राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं."

मकसद

सलीम ख़ान कहते हैं कि वे रोज अखबार पढ़ता हैं मगर उनमें जो लिखा होता है वही उनकी समझ में आता है, वे 'बिटविन द लाइंस' नहीं समझ पाते.

भारत में आम चुनाव 2014 शुरू हो चुका है. हर ओर चुनाव का माहौल है. ऐसे में उर्दू वेबसाइट लॉन्च करने का आखिर क्या मकसद है.

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इस सवाल का जवाब देते हुए सलीम कहते हैं, "अच्छी बात कभी भी हो, उसका वक्त नहीं देखना चाहिए. उर्दू के लिए ये एक अच्छी बात है. मैं इसका स्वागत करता हूं. उर्दू को बचाए रखने में रुचि है मुझे. ये आज होता या अगले चुनाव में, उससे मुझे कोई मतलब नहीं."

हिंदुस्तानियों की ज़ुबां

बॉलीवुड में सलीम ख़ान के पक्ष में कई लोग खड़े हुए. उनमें खुद को उनका एकमात्र करीबी दोस्त बताने वाले मशहूर अभिनेता मनोज कुमार भी शामिल हैं.

वे मानते हैं कि सलीम ख़ान ने जो क़दम उठाया है वो एकदम सही है और उनसे दूसरों को सबक लेना चाहिए.

चुनावी माहौल में उर्दू को इतनी अहमियत क्यों? यह पूछने पर अभिनेता मनोज कुमार कहते हैं, "सवाल है, अहमियत क्यों नहीं. सवाल ये भी कि अपनी चीज़ को ग़ैर क्यों समझा जा रहा है?"

मनोज कुमार ने कहा, "उर्दू का जन्म हिंदुस्तान में हुआ. वो यहीं पर परवान चढ़ी . एनसाइक्लोपीडिया के अनुसार इसमे सात फीसदी संस्कृत है. दुर्भाग्य से हिंदुओं ने ये समझ लिया कि ये ज़ुबान मुसलमानों की है. नहीं, ये जुबान हिंदुस्तानियों की है."

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वे कहते हैं, "हर जुबान का अपना रंगरूप होता है. उर्दू में जो मिठास है, रौनक है मेरे ख़्याल से किसी दूसरी भाषा में नहीं है."

सलीम ख़ान की राजनीति में कम दिलचस्पी पर मुहर लगाते हुए मनोज कुमार कहते हैं, "राजनीति हमारा 'कप ऑफ टी' नहीं है. लेकिन हम नागरिक तो हैं. राजनीति हमें सोचने पर विवश तो करती है."

अंत में उन्होंने ये कहते हुए अपनी बात ख़त्म की कि सलीम साहब को ग़लत समझा जा रहा है. मनोज ने कहा, "उनके घर में गणपति पूजा होती है, उनकी अपनी श्रद्धा है. उनके बच्चे सेकुलर हैं."

धर्मनिरपेक्ष बॉलीवुड

Image caption फिल्म निर्देशक मधुर भंडारकर ने इसे नरेंद्र मोदी पर व्यक्तिगत हमला माना है.

इन सब गहमागहमी के बीच फिल्म जगत के जाने माने निर्देशक मधुर भंडारकर ने भी सलीम ख़ान का पक्ष लेते हुए ट्वीट किया है.

उन्होंने ट्वीट किया, "आशा है कि बॉलीवुड के साथियों में बेहतर समझ पनपेगी और वे नरेंद्र मोदी को एकमत से चुनेंगे. अब भारत को नरेंद्र मोदी के रूप में एक दूरदर्शी नेता चुनने की ज़रूरत है."

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मधुर ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, "मैं ये देखकर स्तब्ध हूं कि मेरे कुछ सहयोगी, कथित विभाजनकारी ताकतों को रोकने के चक्कर में खुद बॉलीवुड जैसी धर्मनिरपेक्ष जगह को बांट रहे हैं."

एक और ट्वीट करते हुए मधुर ने लिखा, "ऐसे व्यक्ति पर व्यक्तिगत हमला किया जा रहा है जिसने अपने राज्य के लिए वो किया जो राष्ट्रीय स्तर का कोई नेता ने भी नहीं कर सका. मुझे इन सबमें साजिश की बू आ रही है."

मंगलवार को फ़िल्म जगत के कई हस्तियों ने धर्मनिरपेक्ष ताकतों को वोट देने की अपील की थी. हालांकि इस अपील में किसी नेता या पार्टी का नाम नहीं था लेकिन भाजपा नेताओं ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी.

फ़िल्म जगत की तरफ़ से जारी अपील में हस्ताक्षर करने वालों में इम्तियाज़ अली, विशाल भारद्वाज, गोविंद निहलानी सईद मिर्ज़ा, ज़ोया अख़्तर, महेश भट्ट, आनंद पटवर्द्धन, कुंदन शाह, अभिनेत्री नंदिता दास, स्वरा भास्कर, गायिका शुभा मुद्गल इत्यादि के नाम थे.

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