रे के साथ काम न करने का मलाल: नसीर

नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह
Image caption (अपनी पत्नी अभिनेत्री रत्ना पाठक शाह के साथ नसीरुद्दीन शाह)

नसीरुद्दीन शाह मानते हैं कि प्रख्यात फ़िल्मकार सत्यजीत रे के साथ कभी काम न कर पाना उनकी ज़िंदगी का सबसे बड़ा अफ़सोस रहेगा.

कोलकाता में बांग्ला फ़िल्म 'खासी कोथा' (बकरे की कहानी) के बारे में मीडिया से बात करते हुए ये बात कही.

(अब ऑस्कर पर बरसे नसीरुद्दीन शाह)

उन्होंने कहा, "कई बार मेरे मन में आया कि उन्हें ख़त लिखकर कोई रोल देने की गुज़ारिश करूँ लेकिन कभी हिम्मत नहीं जुटा पाया. अब मुझे बड़ा दुख होता है कि मैंने ऐसा क्यों नहीं किया."

रे के साथ मुलाक़ात

Image caption (नसीरुद्दीन शाह इस साल माधुरी दीक्षित के साथ फ़िल्म 'डेढ़ इश्क़िया' में नज़र आए थे)

सत्यजीत रे के साथ अपनी एक मुलाक़ात को याद करते हुए उन्होंने बताया, "जब मैं 22 साल का था और एनएसडी का छात्र था तब एक बार दिल्ली के मैक्समूलर भवन में उनसे मुलाक़ात हुई."

(नसीर के सामने 'शर्मा' गईं माधुरी)

"हम बर्गमैन की 'साइलेंस' देखने गए थे और वो मेरे पास आकर बैठ गए. मैं फ़िल्म अच्छी तरह देख ही नहीं पाया. लेकिन आप सोच सकते हैं कि जिस शख़्स के बगल में पाथेर पांचाली बनाने वाला महान फ़िल्मकार बैठा हो वो भला किसी और चीज़ में कैसे ध्यान लगा सकता है."

कसाई की भूमिका

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Image caption (नसीरुद्दीन शाह की पिछली कुछ फ़िल्मों को दर्शकों के साथ-साथ समीक्षकों की भी आलोचना झेलनी पड़ी)

'खासी कोथा' में नसीरुद्दीन शाह ने एक कसाई की भूमिका अदा की है.

फ़िल्म की कहानी कुछ यूं है कि जब नसीर एक बकरे को मारने वाले होते हैं तब वो उनसे अपनी जान की भीख मांगती है.

नसीर के मुताबिक़, "ये फ़िल्म मनुष्य के अंतरात्मा की कहानी है. ये कहानी है समाज के शोषित और पिछड़े वर्ग की."

बीते दिनों नसीर, 'डेढ़ इश्क़िया', 'जॉन डे', 'जैकपॉट' और 'ज़िंदा भाग' जैसी फ़िल्मों में नज़र आ चुके हैं.

वो मौजूदा बॉलीवुड फ़िल्मों से नाख़ुश हैं और हाल के दिनों में तब बड़ी चर्चा में आ गए थे जब उन्होंने धावक मिल्खा सिंह के जीवन पर बनी राकेश ओमप्रकाश मेहरा की फ़िल्म 'भाग मिल्खा भाग' की तीखी आलोचना की थी.

नसीर ने इसे एक बनावटी फ़िल्म करार दिया था और फ़रहान अख़्तर के अभिनय पर भी उंगली उठाई थी.

'भाग मिल्खा भाग' को हाल ही में सर्वश्रेष्ठ मनोरंजक फ़िल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया.

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