मैं यहां बेशरम बनने आया हूं: टाइगर श्रॉफ़

जैकी श्रॉफ़ और कृति शैनॉन इमेज कॉपीरइट hoture images

'जैसा बाप वैसा बेटा'! ये कहावत तो आपने कई बार सुनी होगी. कई लोग इस कहावत को बस एक कहावत समझ कर कह देते हैं और कई लोग वाक़ई इस कहावत को सच कर देते हैं.

उनमें से एक हैं ये जनाब. टाइगर श्रॉफ़ जो अभिनेता जैकी श्रॉफ़ के बेटे हैं और उन्ही के नक़्श-ए-क़दम पर चल रहे हैं.

पिता की पहली फ़िल्म आई थी 'हीरो' और टाइगर की आ रही है 'हीरोपंती'.

( 'हीरोपंती' का हीरो अपनी 'हीरोइन' के साथ)

बीबीसी से एक ख़ास बातचीत में टाइगर ने दिए कुछ सवालोँ के मज़ेदार जवाब.

अलग नाम

टाइगर श्रॉफ़. इस नाम के बारे में ही लोगों में बड़ी उत्सुकता है. सोशल मीडिया पर टाइगर के नाम को लेकर बड़े जोक्स चल रहे हैं. चुटकुले कहे जा रहे हैं.

टाइगर को इन बातों से फ़र्क़ नहीं पड़ता. लेकिन ये जानने की उत्सुकता तो सभी में है कि आख़िर उनका ये नाम पड़ा कैसे?

इसका जवाब उन्होंने दिया, "मैं बचपन में सबको काटता रहता था. मैं बिलकुल जानवरों की तरह बरताव करता था. तो मम्मी-पापा ने मेरा नाम ही टाइगर रख दिया."

अगर किसी अभिनेता का बेटा भी फ़िल्मों में किस्मत आज़माना चाहता है तो उम्मीद की जाती है कि उसे अपने पिता से एक्टिंग के गुर सीखने को मिलेंगे.

पर हम ये जानकार हैरान रह गए कि जैकी श्रॉफ़ ने टाइगर श्रॉफ़ को कुछ नहीं सिखाया.

पापा से नहीं मिले टिप्स

टाइगर कहते हैं, “सच कहूं तो पापा से मुझे एक्टिंग के कोई टिप्स नहीं मिले. वो मुझे फ़िल्मों के बारे में कुछ नहीं बताते. वो मुझे एक कॉम्पिटिशन मानने लगे हैं क्योंकि अब मैं भी एक एक्टर हूं पर फ़िल्म के निर्देशक साबिर और निर्माता साजिद ने मेरी बड़ी मदद की. उन्होंने सिखाया भी और काफ़ी चीज़ें समझाईं भी.”

( टाइगर का मिशन 'हीरोपंती')

अपने पिता से तुलना के बारे में टाइगर ने कहा, “वो बहुत ही बिंदास आदमी हैं और मैं बहुत शर्मीला हूं. वो अपने दिल की बात किसी तरह से कह देते हैं पर मैं हमेशा सोच समझकर बात करता हूं. जहां तक मुझसे उम्मीदों की बात है तो यही बात मुझे शक्ति देती है, मेरा आत्मविश्वास बढाती है और मुझे मेहनत करने के लिये प्रोत्साहित करती है."

वो आगे कहते हैं, “जिस तरह की तैयारी मैंने अपनी इस फ़िल्म के लिए की है वो मेरे पापा की तैयारी से बिल्कुल अलग है. उनका किरदार जो था 'हीरो' में और जो मेरा किरदार है 'हीरोपंती' में वो बिल्कुल अलग है.”

पहली फ़िल्म और पहला ‘चुम्बन’

Image caption जैकी श्रॉफ़ और कृति शैनॉन फ़िल्म 'हीरोपंती' से बॉलीवुड में क़दम रख रहे हैं.

टाइगर श्रॉफ़ की ये पहली फ़िल्म है और पहली फ़िल्म में ही उन्होंने चुम्बन दिया है.

पहली फ़िल्म और पहला ऑन स्क्रीन चुम्बन! टाइगर श्रॉफ़ का इस बारे में क्या कहना है?

( जैकी के टाइगर को आमिर का साथ)

वो कहते हैं, "मैं सच बताऊं तो मैं बहुत ही शर्मीला हूं और जो 'हीरोपंती' में मेरा किरदार है वो बिल्कुल मेरे विपरीत है. अगर कोई चीज़ उस किरदार के लिए ज़रूरी है तो मैं वो करूंगा क्योंकि मैं एक कलाकार हूं और जो मेरा निर्देशक मुझसे कहेगा मैं वो करूंगा. हम कलाकार हैं और हमारा रूल नंबर वन है बेशरम बनना.”

कई लोग टाइगर श्रॉफ़ की तुलना अभिनेता डैनी से करते हैं और कहते हैं कि वो बिलकुल युवा डैनी की तरह लगते हैं.

इस पर टाइगर ने कहा, "बहुत सारे लोग कहते हैं कि मेरी शक़्ल युवा डैनी से मिलती है. मैं इंटरनेट पर इस बारे में पढ़ता रहता हूं. डैनी अंकल का बेटा मेरे बचपन का दोस्त है. मेरा सबसे अच्छा दोस्त है."

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