सांवली होने की वजह से हुआ भेदभाव: ईशा गुप्ता

  • 17 जून 2014
ईशा गुप्ता इमेज कॉपीरइट Esha Gupta

साजिद ख़ान की फ़िल्म 'हमशकल्स' में सैफ़ अली ख़ान के साथ नज़र आएंगी ईशा गुप्ता.

ईशा गुप्ता ने साल 2012 में 'जन्नत-2' से अपना करियर शुरू किया था और कुल मिलाकर पांच फ़िल्में कर चुकी हैं लेकिन उन्हें अपने परिवार में ही भेदभाव का शिकार होना पड़ा और इसकी वजह थी उनकी त्वचा का रंग.

(राम कपूर को फ़िल्में ज़्यादा पसंद)

बीबीसी से ख़ास बातचीत में ईशा ने ख़ुद ये बात बताई.

इमेज कॉपीरइट Humshakals

'भेदभाव'

उन्होंने कहा, "मेरी बहन बहुत गोरी है, जबकि मैं सांवले रंग की हूं. इसी वजह से मुझे परिवार में काफ़ी भेदभाव का शिकार होना पड़ा. हमेशा मेरी बहन को मुझसे ज़्यादा तवज्जो दी जाती थी."

इमेज कॉपीरइट Hoture Images
Image caption ईशा गुप्ता फ़िल्म 'हमशकल्स' में दिखाई देंगीं.

ईशा गुप्ता कहती हैं कि इसी वजह से वो गोरेपन को बिल्कुल प्रमोट नहीं करतीं.

उन्होंने ऐसे तमाम विज्ञापनों को भी आड़े हाथों लिया जिनमें गोरेपन को बेहतर साबित करने की कोशिश की जाती है.

'बेहद दुबला होना फ़िज़ूल'

'हमशकल्स' में उन्होंने बिकिनी पहनी है. क्या इसके लिए इन्हें अपना वज़न बहुत घटाना पड़ा.

(मिमिक्री आर्टिस्ट से ख़फ़ा सैफ़)

इसके जवाब में ईशा ने कहा, "मैंने खान-पान पर कंट्रोल रखा लेकिन बहुत दुबले होने की कोशिश नहीं की. साइज़ ज़ीरो फ़िज़ूल की बात है."

सैफ़ अली ख़ान के साथ काम करने के अनुभव को बयां करते हुए वो कहती हैं, "वो बड़े स्टार हैं. शूटिंग के शुरुआती दिनों में तो मैं बड़ी नर्वस थी. लेकिन सैफ़ बड़े कूल हैं. उन्होंने हम पर कोई दबाव नहीं बनाया. वो सेट पर ज़्यादा बात नहीं करते लेकिन उनके रहने से माहौल ख़ुशनुमा रहता है."

अपनी पसंद के बारे में ईसा ने बताया कि उन्हें श्रीदेवी, करीना कपूर, कंगना रानाउत और दीपिका पादुकोण बहुत पसंद है.

'हमशकल्स', 20 जून को रिलीज़ हो रही है.

(बीबीसी हिंदी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)