केके से मुलाक़ात :जब ख़राब बोल पर गाना छोड़ गए थे ...

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तड़प-तड़प के इस दिल से आह निकलती रही, आँखों में तेरी अजब सी ग़ज़ब सी, .....ये गाने गाए हैं गायक केके ने जो पिछले 20 सालों से म्यूज़िक इंडस्ट्री से जुड़े हैं. हैप्पी न्यू ईयर के गाना इंडियावाले की भी इनदिनों ख़ूब चर्चा है.

दिल्ली में पले-बढ़े और केरल से नाता रखने वाले केके ने संगीत में कोई औपचारिक ट्रेनिंग तो नहीं ली है लेकिन बॉलीवुड में अलग जगह बनाई.

गायक केके से हुई बातचीत के मुख्य अंश:-

गायक बनने के बारे में आपने कब और कैसे सोचा?

बचपन से ही मुझे संगीत का शौक़ था, पुराने कैसेट प्लेयर में ख़ूब गाने सुना करता था. कॉलेज में दोस्तों के साथ मिलकर परफ़ॉर्म करता था. लेकिन जब शादी होने वाली थी तो किसी दोस्त ने मार्केटिंग में जॉब लगवा दी. पर काम करते हुए मुझे लगने लगा कि मैं यहाँ क्या कर रहा हूँ. बस मुंबई चला गया. मैंने विज्ञापनों में जिंग्लस का काम शुरु किया और हज़ारों जिंग्ल्स गाए.

बॉलीवुड का सफ़र कैसे शुरु हुआ?

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विज्ञापनों में काम करते करते मुझे फ़िल्म माचिस में गाने का मौक़ा मिला- छोड़ आए हम वो गलियाँ. कहने को तो दो ही लाइनें थीं पर विशाल भारद्वाज की फ़िल्म थी. फिर एआर रहमान ने मौक़ा दिया फ़िल्म सपने में. लेकिन टर्निंग प्वाइंट आया 1999 में.

फ़िल्म 'हम दिल दे चुके सनम' के लिए इस्माइल दरबार ने मुझे तड़प तड़प के इस दिल के लिए गाना गंवाया. आम तौर पर इस तरह के गाने के लिए संगीतकार किसी सीनियर गायक को ही लेते हैं.

लेकिन इस्माइल ने मुझ पर भरोसा किया और मैंने भी दिल से गा दिया. वो गाना काफ़ी हिट हुआ. इसी साल मेरी एलबम भी रिलीज़ हुई. इसके गाने 'जैसे याद आएँगे वो पल' लोकप्रिय हो गए. आज भी कॉलेज वग़ैरह में जाता हूँ तो ये गाने बजते हैं.

गाने के बोल पर आजकल काफ़ी बहस होती है. कभी ऐसा हुआ कि आपने बोल की वजह से गाने से मना कर दिया हो?

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एक बार एक नए संगीतकार ने मुझसे गाना गंवाया. अचानक मुझे लगा कि ये कैसे बोल हैं. मैं गाना छोड़ कर चला गया. फिर बाद में फ़ोन आया कि गाने के बोल बदल दिए हैं आप आ जाइए. संगीतकार की पहली फ़िल्म थी और प्रोड्यूसर बड़ा था, तो संगीतकार भी न नहीं कह पा रहा था. अब शायद लोगों को पता है कि मैं ऐसे गाने नहीं गाता.

आपके लिए अच्छे सिंगर की परिभाषा क्या है?

मेरे हिसाब से अच्छा सिंगर वही है जो किसी संगीतकार के गाने को अपना बना के गा सके. हो सकता है गाना ख़ुशनुमा हो और आपका मूड कुछ और हो..इसलिए मैं एक दिन में एक ही गाने की रिकॉर्डिंग रखता हूँ. जब तक गायक ख़ुद गाने को महसूस नहीं कर सकता तब तक श्रोता को कैसे अच्छा लगेगा.

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