कभी नहीं भूलूंगा 'निरोध' वाला सीन: शेखर

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पटना में जन्मे शेखर सुमन ने अपने करियर की शुरुआत 1985 में फ़िल्म 'उत्सव' से की थी.

फ़िल्म में वह अभिनेत्री रेखा के साथ दिखे थे लेकिन जल्द ही उन्होंने बड़े पर्दे की जगह छोटे पर्दे को अपना कार्य क्षेत्र चुन लिया.

वो दूरदर्शन के कई शो का चेहरा बन गए. 'देख भाई देख', 'रिपोर्टर', 'वाह जनाब', 'छोटे बाबू', 'अमर प्रेम' आदि शो में उन्होंने अपने अभिनय का लोहा मनवाया.

साथ ही वह 'ग्रेट इंडियन कॉमेडी शो', 'डायल वन और जीतो', कॉमेडी सर्कस जैसे कई शो भी कर चुके हैं.

'बॉम्बे'

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पिछले साल शेखर ने बतौर डायरेक्टर प्रोड्यूसर 'हार्टलेस' फ़िल्म बनाई थी जिसमें शेखर सुमन के बेटे अध्ययन सुमन ने मुख्य भूमिका निभाई थी.

इसके बाद शेखर ने एक और फ़िल्म बनाने का निर्णय लिया है जिसका नाम है 'बॉम्बे डाइंग'.

मगर वह फ़िल्म के टाइटल से काफ़ी चिंतित है.

हाल ही में सरकार ने फैसला लिया है कि कोई भी निर्माता निर्देशक अपनी फ़िल्म में 'बॉम्बे' शब्द का इस्तेमाल नहीं कर सकता.

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शेखर का कहना है, "आज भी कई कंपनियों का नाम 'बॉम्बे' से ही शुरू होता है सरकार को उनसे कोई दिक़्क़त नहीं है."

लोगों ने मुझे मना किया

अपने करियर के बारे में शेखर कहते हैं, "चाहे 'उत्सव' हो या 'अनुरोध' मैंने हर वह फ़िल्म की है, जिन्हें करने के लिए मुझे लोगों ने मना किया."

वह बताते हैं, "इतना ही नहीं, मुझे उस फ़िल्म के कई सीन आज भी बेहतरीन लगते हैं खासकर रेखा के साथ वाले और मैं फ़िल्म 'अनुरोध' के निरोध वाले सीन को कभी नहीं भूल पाऊंगा."

विवादित फ़िल्म 'एमएसजी' पर चुटकी लेते हुए शेखर ने कहा ''फ़िल्म का बेहतरीन हिस्सा बाबा राम रहीम का सूट था. पता नहीं उन्होंने उसे कैसे पहना था.''

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