शशि कपूर को दादा साहब फाल्के पुरस्कार

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Image caption मनोज कुमार, अमिताभ बच्चन, धीरज कुमार और शशि कपूर

भारत सरकार ने मशहूर फ़िल्म अभिनेता और निर्माता शशि कपूर को फ़िल्मों में उनके योगदान के लिए दादा साहब फाल्के पुरस्कार देने की घोषणा की है.

शशि कपूर का जन्म 18 मार्च, 1938 में कोलकाता में हुआ. उनसे पहले उनके पिता पृथ्वीराज कपूर और बड़े भाई राज कपूर को भी दादा साहब फाल्के पुरस्कार मिल चुका है.

सुनें शशि कपूर से बीबीसी के परवेज आलम की 1996 में हुई बातचीत

शशि कपूर के भतीजे मशहूर अभिनेता ऋषि कपूर ने बीबीसी से बातचीत में कहा, "वो कपूर परिवार के तीसरे सदस्य हैं जिन्हें ये पुरस्कार मिला है. मेरे दादा पृथ्वीराज कपूर, मेरे पिता राज कपूर को और अब मेरे चाचा शशि कपूर को ये पुरस्कार मिला है."

ऋषि कपूर ने कहा, "मैं अपने परिवार की तरफ़ से भारत सरकार और भारत की जनता का शुक्रिया अदा करता हूँ कि उन्होंने हमारे योगदान को सराहा है."

अभिनेता के रूप में 'जब जब फूल खिले', 'आ गले लग जा', 'रोटी, कपड़ा और मकान', 'शर्मीली', 'दीवार', 'कभी कभी' और 'सिलसिला' उनकी प्रमुख फ़िल्में रहीं.

'मेरे पास माँ है'

दीवार फ़िल्म में बोला गया शशि कपूर का संवाद 'मेरे पास माँ है' हिन्दी फ़िल्मों के सबसे लोकप्रिय संवादों में एक है. इस फ़िल्म में उनके साथी कलाकार थे अमिताभ बच्चन जिनके साथ उनकी जोड़ी काफ़ी हिट थी.

अभिनय के साथ साथ उन्होंने कई फ़िल्मों का निर्माण भी किया जिनमें जुनून, कलियुग, उत्सव और विजेता प्रमुख हैं.

जुनून को साल 1978 की सर्वश्रेष्ठ हिन्दी फ़िल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था. आजकल शशि कपूर की तबीयत ज़्यादा अच्छी नहीं है.

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