वो जो है माधुरी के दिल के क़रीब

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हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री की 'धक धक गर्ल' माधुरी दीक्षित नेने शुक्रवार को 48 साल की हो गईं.

तीस साल के फ़िल्मी करियर में माधुरी ने कई यादगार फ़िल्में और बहुत सारे मधुर गानों को उनपर फ़िलमाया गया है.

छह फ़िल्मफेयर अवार्ड जीत चुकीं माधुरी को भारत सरकार ने पद्मश्री से भी नवाज़ा है.

हालांकि साल 1999 में शादी के बाद माधुरी दीक्षित ने फ़िल्मों से कुछ दूरी बना ली थी, लेकिन अब उन्होंने बॉलीवुड में अपने करियर की दूसरी पारी शुरू कर दी है.

माधुरी के जन्मदिन पर बीबीसी ने माधुरी से की मुलाक़ात और इस बातचीत में उन फ़िल्मों के बारे में बात की जिन्हें माधुरी अपने 30 साल के करियर की बेहतरीन फ़िल्में मानती हैं.

अबोध

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1984 में आई राजश्री प्रोडक्शन की फ़िल्म 'अबोध' से माधुरी दीक्षित नेने ने अपने फ़िल्मी सफ़र की शुरुआत की थी और आज भी ये फ़िल्म उनके लिए ख़ास है.

इस फ़िल्म में माधुरी ने कम उम्र गाँव की लड़की गौरी का किरदार निभाया जिसकी शादी करवा दी जाती है और किस तरह से उसमें ज़िम्मेदारी और पति के लिए प्रेम की भावना जागती है.

ये फ़िल्म बॉक्स ऑफिस पर सफ़ल नहीं हुई, लेकिन फ़िल्म समीक्षकों को माधुरी दीक्षित का अभिनय पसंद आया था.

माधुरी कहती हैं, "ये मेरी पहली फ़िल्म थी इसलिए ये हमेशा मेरे दिल के क़रीब ही रहेगी."

तेज़ाब

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1988 में आई फ़िल्म 'तेज़ाब' से पहले माधुरी दीक्षित ने लगभग 8 फ़िल्में की थीं, जो बॉक्स ऑफ़िस पर असफ़ल रहीं, लेकिन माधुरी को रातों रात स्टार बनाया एन चंद्रा की फ़िल्म 'तेज़ाब' ने.

फ़िल्म में अनिल कपूर ने एक तड़ीपार मुज़रिम मुन्ना का किरदार निभाया है और उनकी प्रेमिका बनीं माधुरी दीक्षित ने अपने किरदार मोहिनी से सभी दर्शकों को मोहित कर दिया.

फ़िल्म का मशहूर गीत 'एक दो तीन...' ने न सिर्फ बॉलीवुड को नया डांस नंबर दिया, बल्कि माधुरी दीक्षित को उनके खूबसूरत नृत्य के लिए प्रसिद्ध भी कर दिया.

लोग आज भी जब 'तेज़ाब' फ़िल्म का ज़िक्र करते हैं, तो पहले उनके ज़हन में यही गाना आता है.

राम लखन

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'तेज़ाब' की हिट जोड़ी अनिल कपूर और माधुरी दीक्षित को फिर सुभाष घई ने 'राम लखन' में जैकी श्रॉफ़ और डिंपल कपाड़िया के साथ दोहराया. इसे दर्शकों ने खूब पसंद किया.

इस फ़िल्म में माधुरी, अनिल कपूर के बचपन का प्यार बनीं थीं.

सुभाष घई कहते हैं, "जब माधुरी 'उत्तर दक्षिण' फ़िल्म के लिए डांस कर रही थीं, तब वो घबराई हुईं थीं और उन्होंने मुझसे कहा कि मुझे समझ में नहीं आ रहा है मैं कैसे डांस करूं? तब मैंने माधुरी को कहा की सिर्फ आँखों और मुस्कराहट से डांस करो और फिर 'राम लखन' में माधुरी ने तो कमाल ही कर दिया जिसे सबने देखा."

हम आपके हैं कौन

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राजश्री प्रोडक्शन से करियर की शुरुवात करने वाली माधुरी दीक्षित ने एक दशक के बाद फिर से राजश्री फ़िल्म के साथ काम किया 1994 की फ़िल्म 'हम आपके हैं कौन' में.

इस फ़िल्म में माधुरी ने चुलबुली निशा का किरदार निभाया और सलमान ख़ान के साथ माधुरी दीक्षित की जोड़ी ने दर्शकों पर जादू कर दिया.

फ़िल्म में सलमान ख़ान के साथ उनका फ़ोन पर हैलो कि जगह 'ओहो ओहो' की अदा काफ़ी लोकप्रिय हुई.

मशहूर चित्रकार एमएफ़ हुसैन ने अपने एक साक्षात्कार में कहा था कि उन्होंने इस फ़िल्म को माधुरी के लिए 85 बार देखा है.

मृत्युदंड

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माधुरी की अगली पसंद है 1997 में प्रकाश झा द्वारा बनी फिल्म 'मृत्युदंड'. ये बिहार के बिलासपुर गांव की काल्पनिक कहानी थी, जिसमें माधुरी दीक्षित का किरदार 'केतकी' पुरुष प्रधान समाज में महिला के साथ हो रहे अन्याय के ख़िलाफ़ है.

इस फ़िल्म का डॉयलॉग "तुम पति हो, परमेश्वर बनने की कोशिश मत करो" भारत की रूढ़िवादी सोच के लिए एक झटका था.

इस फ़िल्म को 1997 में लंदन फिल्म फ़ेस्टिवल के गाला प्रीमियर का न्योता भी मिला था.

दिल तो पागल है

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इस फ़िल्म का नाम लेते हुए माधुरी मुस्कुरा देती हैं. हर बॉलीवुड अभिनेत्री का सपना होता है की वो अगर रोमांटिक फ़िल्म करे तो एक बार यश चोपड़ा की हीरोइन ज़रूर बने.

माधुरी दीक्षित को ये मौका मिला फ़िल्म 'दिल तो पागल है' में जो डांस पर आधारित फ़िल्म थी.

फ़िल्म में दूसरी अभिनेत्री का क़िरदार यश चोपड़ा ने जूही चावला को दिया था, पर जूही चावला ने इस फ़िल्म के लिए माधुरी को मुख़्य रोल में आने के चलते मना कर दिया और ये रोल करिश्मा कपूर को मिला.

जूही चावला ने गुलाब गैंग के प्रमोशन के दौरान माना था कि वो माधुरी के साथ फिल्म में प्रतिस्पर्धा से घबरा गई थीं, इसलिए उन्होंने दिल तो पागल है को ना कहा.

ना काहू से दोस्ती...

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माधुरी दीक्षित ने ऋषि कपूर से लेकर रणबीर कपूर तक सभी अभिनेताओं के साथ काम किया है और उनके अपने सभी सह अभिनेताओं के साथ अच्छे संबंध रहे हैं.

माधुरी कहती हैं की "मेरे सभी अभिनेता बहुत अच्छे रहे हैं. उन सबके साथ काम करना बहुत अछा रहा है. अनिल कपूर, शाहरुख़ खान, जैकी श्रॉफ़ के साथ काम करना यादगार रहा है"

जैकी श्रॉफ़ ने बीबीसी को बताया, "माधुरी बेहद सादी और प्यारी हैं और उन्होंने सभी का आदर किया है और बदले में सभी का आदर भी मिला है. माधुरी ना किसी के ज़्यादा नज़दीक थीं, ना ही किसी से बेहद दूर."

माधुरी ने बॉलीवुड को कभी ना भूलने वाले कई डांस नंबर दिए हैं, जिनमें से एक है 'हम को आज कल है इंतज़ार...'' जिसे माधुरी सबसे मुश्किल गाना मानती हैं.

वो कहती हैं, "ये गाना बेहद मुश्किल था, क्योंकि मुझे इस गाने में सरोज ख़ान के मूव्स नहीं बल्कि उनके चेहरे के हाव भाव को भी कॉपी करना था."

लेकिन माधुरी ने ये काम बखूबी किया और सरोज ख़ान भी मानती हैं कि माधुरी से बेहतर ये कोई और नहीं कर सकता था.

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