बॉलीवुड से 'इंडी रॉक और पॉप' का सत्यानाश

पलाश सेन

'फ़िल्म इंडस्ट्री ने हमें बिल्कुल भी सपोर्ट नहीं किया सिर्फ़ और सिर्फ़ जनता के प्यार ने हमें ज़िंदा रखा हुआ है.'

ये कहना है रॉक बैंड 'यूफ़ोरिया' के पलाश सेन का.

उनके मुताबिक़, "देखा जाए तो इंडी रॉक या पॉप का अंत हो गया है. सिर्फ़ 'यूफ़ोरिया' और 'इंडियन ओशन' ये दो ही ऐसे बैंड्स हैं जो कि अब तक ज़िंदा हैं."

सवाल ये उठता है कि क्या बॉलीवुड या हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री ने 'इंडी पॉप' या 'इंडी रॉक' को ख़त्म किया है या ज़िंदा रखा हुआ है.

90 के दशक में हिंदुस्तान में कई पॉप और 'इंडी रॉक' के कलाकार आए. उनमें से कुछ गुम हो गए और कुछ ने बॉलीवुड में नाम कमाया.

यूफ़ोरिया

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पलाश कहते हैं, "फ़िल्मवालों को ये समझ में आने लगा कि ये रॉक बैंड वाले तो बड़ा पैसा बना रहे हैं और काफ़ी मशहूर हो रहे हैं इसलिए उन्होंने ऐसी परिस्तिथि बनाई जिसकी वजह से सब रॉक, पॉप म्यूज़िक बन गया 'फ़िल्मी म्यूज़िक'."

"फ़र्ज़ कीजिए कि एक कंपनी को एक ग़ैर फ़िल्मी संगीतकार का प्रमोशन करना है जिसके लिए उसे पैसे ख़र्च करने पड़ेंगे."

वो आगे कहते हैं, "इसी बीच एक फ़िल्म वाला आ जाता है और वो बोलता है कि ये गाना वो अपनी फ़िल्म में डाल देगा और कंपनी को प्रमोशन के लिए कोई पैसे नहीं ख़र्च करने पड़ेंगे."

"इससे कंपनी भी ख़ुश और वो 'इंडी पॉप' या रॉक वाला संगीतकार हो जाता है बॉलीवुड का."

पलाश सेन ने फ़िल्म 'फ़िलहाल', 'मुंबई कटिंग' और 'ऐसा ये जहां' में बतौर अभिनेता भी काम किया है.

इंडियन ओशन

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दूसरे बैंड 'इंडियन ओशन' के राहुल राम पलाश से इत्तेफ़ाक़ नहीं रखते.

उन्होंने कहा, "ये कहना ग़लत होगा कि बॉलीवुड ने 'इंडी रॉक या पॉप' को ख़त्म कर दिया पर सच्चाई ये है कि एक समय के बाद इंडी रॉक में अच्छे कलाकार आने बंद हो गए."

"मनोरंजक टीवी चैनल्स भी ये समझ गए कि उनका गुज़ारा बॉलीवुड के बिना नहीं चलेगा और धीरे-धीरे ये सब ख़त्म हो गया.

राम कहते हैं, "आज म्यूज़िकल बैंड्स की तादाद बहुत बढ़ गई है पर आप उन्हें देख नहीं सकते क्योंकि टेलीविज़न उन्हें दिखाता ही नहीं."

बॉलीवुड एक प्लेटफ़ॉर्म

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संगीत समीक्षक रोहित मेहरोत्रा कहते हैं, "बॉलीवुड की पहुंच बहुत दूर तक है और सभी संगीतकार चाहते हैं कि उनका संगीत दूर तक पहुंचे. तो बॉलीवुड सभी इंडी रॉक और पॉप संगीतकारों को प्लेटफ़ॉर्म देता है."

रोहित यह भी कहते हैं कि जहाँ इंडी रॉक और पॉप के कलाकार बॉलीवुड जा रहे हैं, वहीँ कई बॉलीवुड के जाने माने संगीतकार इंडी रॉक और पॉप की दुनिया का रुख़ कर रहे हैं.

पलाश और राहुल मानते हैं कि एक दौर फिर से आएगा जब इंडी रॉक और पॉप सुनने को मिलेगा.

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