ग़लती नहीं दोहराना चाहते अक्षय

अक्षय की हाल में रिलीज़ हुई फ़िल्म 'ब्रदर' अभी सिनेमाघरों से उतरी भी नहीं थी कि वो अपनी अगली फ़िल्म 'सिंह इज़ ब्लिंग' के प्रमोशन में जुट गए हैं.

हालांकि नाम मिलते जुलते हैं लेकिन यह फ़िल्म साल 2008 में रिलीज़ हुई अक्षय कुमार की फ़िल्म 'सिंह इज़ किंग' का सीक्वल नहीं है.

पिछली फ़िल्म में अक्षय ने सिख युवक हैप्पी सिंह का किरदार निभाया था और इस फ़िल्म में वो रफ़्तार सिंह बने हैं.

गलतियां

'सिंह इज़ ब्लिंग' के ट्रेलर लॉन्च पर ट्रैक्टर पर बैठ कर आए अक्षय कुमार ने बताया कि ये फ़िल्म पिछली फ़िल्मों से बिल्कुल अलग है और इस बार वो पुरानी गलतियां भी नहीं दोहराएंगे.

साल 2008 में फ़िल्म के रिलीज़ होने से पहले सिख समुदाय ने अक्षय की फ़िल्म का विरोध किया था क्योंकि अक्षय एक सिख युवक का किरदार निभा रहे थे लेकिन उनकी वेशभूषा धार्मिक मान्याताओं के अनुसार नहीं थी.

इस बार कोई चूक न हो इसके लिए अक्षय कुमार और फ़िल्म की बाकी टीम ने काफ़ी तैयारी की है, "हमने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के एक सदस्य को अपने साथ रखा है ताकि पिछली बार हुई ग़लती दोबारा न हो.''

साथ ही इस फ़िल्म को 'सिंह इज़ किंग' के क़रीब न मानते हुए अक्षय ने कहा, "ये पूरी तरह से अलग फ़िल्म है जिसे आप 'राउडी राठौर' के ज़्यादा क़रीब मान सकते हैं."

अनुभव

निर्देशक प्रभुदेवा के साथ यह अक्षय की दूसरी फ़िल्म है और कॉमेडी में वापसी कर अक्षय बेहतर महसूस कर रहे हैं.

अक्षय ने बताया, "मैं पिछले दो सालों से कॉमेडी नहीं कर रहा था, ऐसे में मुझे इसका बेसब्री से इंतज़ार था."

अक्षय मानते हैं कि स्क्रीन पर किसी इमोशनल सीन में ग्लिसरीन लगा कर रोना या एक्शन से ज्यादा मुश्किल काम है लोगों को हंसाना.

हालांकि इस फ़िल्म में एक्शन भी बहुत ज़्यादा है और फ़िल्म की अभिनेत्री एमी जैक्सन की तारीफ़ करते हुए अक्षय कहते हैं कि एमी फ़ाइटिंग में भी बहुत अच्छी हैं.

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