पापा कहते थे बड़ा नाम करेगा

इमेज कॉपीरइट everymedia

ऐसी मान्यता है कि बॉलीवुड में सफलता पाने के लिए 'गॉड फ़ादर' की ज़रूरत पड़ती है पर जिनके 'फ़ादर' यानि पिता ही बॉलीवुड की जानी मानी हस्ती हों तो सफलता निश्चित समझी जाती है.

लेकिन हमेशा शेर का बेटा सवा शेर निकले ऐसा होना ज़रुरी नहीं है क्योंकि बॉलीवुड में ऐसे कई उदहारण है जहां पिता के बाल बेटे का करियर सवांरते सवांरते सफ़ेद हो गए.

बीबीसी ने नज़र डाली ऐसे ही कुछ 'खोटे सिक्के' कहे जाने वालों पर.

उदय चोपड़ा

इमेज कॉपीरइट YRF

बॉलीवुड के महान निर्देशकों में से एक रहे स्वर्गीय यश चोपड़ा के बड़े बेटे आदित्य चोपड़ा एक कमाल के निर्माता निर्देशक हैं.

लेकिन यश जी के छोटे बेटे उदय चोपड़ा ने बॉलीवुड में अभिनय से लेकर लेखन और निर्देशन तक में अपना सिक्का जमाने की काफ़ी कोशिश की लेकिन वो सफल न हो सके.

साल 2000 में आई फ़िल्म मोहबत्तें से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत करने वाले उदय चोपड़ा ने 12 फ़िल्मों में अभिनय किया है जिसमें से दो फ़िल्मों 'सुपारी' और 'चरस' को छोड़कर बाकी सारी फ़िल्में उनके खुद के बैनर की थीं.

13 सालों तक अभिनय के क्षेत्र में लगातार असफल होने के बाद उदय ने साल 2013 में धूम3 के बाद एक्टिंग से सन्यास ले लिया और आजकल वो हॉलीवुड में बतौर निर्माता पैर जमाने की कोशिश कर रहे हैं.

तुषार कपूर

इमेज कॉपीरइट raindrop

टीवी की सबसे सफल निर्माता निर्देशक मानी जाने वाली एकता कपूर के भाई तुषार कपूर फ़िल्मों के असफल नायकों में से एक मान जाते हैं.

जम्पिंग जैक जितेन्द्र के बेटे तुषार कपूर ने साल 2001 में करीना कपूर के साथ फ़िल्म 'मुझे कुछ कहना है' से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की लेकिन 12 साल और 32 फ़िल्मों के बाद भी उनकी दाल नहीं गली.

साल 2005 में आई 'क्या कूल हैं हम' की सफलता के बाद तुषार ने ख़ुद को कॉमेडी, सेक्स कॉमेडी और मल्टी स्टारर फ़िल्मों तक ही सीमित कर लिया है.

इस साल भी वो सनी लियोन के साथ बनी सेक्स कॉमेडी 'मस्तीज़ादे' और 'क्या कूल हैं हम3' में नज़र आएंगे.

जैकी भगनानी

इमेज कॉपीरइट raindrop

'कूली नंबर 1', 'हीरो नंबर 1', 'प्यार किया तो डरना क्या' और 'रहना है तेरे दिल में' जैसी फ़िल्मों के निर्माता रहे वाशु भगनानी ने साल 2009 में अपने बेटे जैकी भगनानी को लांच करने का फ़ैसला लिया.

साल 2001 में वाशु भगनानी की फ़िल्म 'दीवानापन' की औसत फ़िल्म के बाद उनके बैनर से एक भी फ़िल्म हिट नहीं हुई थी और ऐसे में बेटे की फ़िल्म 'कल किसने देखा' से वाशु को काफ़ी उम्मीदें थीं.

लेकिन बीते 6 सालों में पापा के बैनर तले 6 फ़िल्मों में काम कर चुके जैकी की एक भी फ़िल्म दर्शको के मन में छाप नहीं छोड़ पाई, हालांकि जैकी ने अभी भी हीरो बनने का सपना छोड़ा नहीं है और वो पापा की एक और फ़िल्म में नज़र आएंगे.

महाक्षय चक्रवर्ती

इमेज कॉपीरइट naarad

साल 2008 में "जिम्मी" फ़िल्म से बॉलीवुड में प्रवेश किया था डिस्को किंग मिथुन के बेटे मिमोह ने.

फ़िल्म कब आई और कब गई पता भी नहीं चला, साथ ही क्रिटिक्स ने मिमोह की एक्टिंग, डांस और वज़न की जमकर आलोचना की.

इस फ़िल्म के बाद ज्योतिषि की सलाह पर मिमोह ने अपना नाम बदल कर महाक्षय कर लिया लेकिन नाम बदलने से क़िस्मत नहीं बदली और उनकी अगली 6 फ़िल्में भी बुरी तरह फ़्लॉप हो गईं.

हालांकि साल 2011 में आई निर्माता निर्देशक विक्रम भट्ट की हॉरर फ़िल्म हॉन्टेड3 ने अच्छा कारोबार किया था पर उसका श्रेय महाक्षय की बजाए फ़िल्म में दिखाया गया भूत ले गया.

महाक्षय अभी भी बतौर हीरो ही फ़िल्मों में रोल तलाश रहे हैं और उनकी हर फ़िल्म में उनके पिता मिथुन किसी न किसी तौर से जुड़े रहते हैं.

हरमन बवेजा

इमेज कॉपीरइट raindrop

निर्माता निर्देशक हैरी बावेजा और पम्मी बावेजा के बेटे हरमन को जब साल 2008 में लांच किया जा रहा था को ऋतिक रोशन जैसा दिखने के कारण वो काफ़ी चर्चा में थे.

हरमन की पहली फ़िल्म प्रियंका चोपड़ा के साथ 'लवस्टोरी 2050' थी.

60 करोड़ के मेगाबजट में बनी यह फ़िल्म एक साईंस फ़िक्शन थी और इस फ़िल्म के रीलीज़ से पहले बहुत चर्चे थे लेकिन रिलीज़ के बाद दर्शकों को फ़िल्म क़तई पसंद नहीं आई.

इस फ़िल्म का बॉक्स ऑफ़िस प्रदर्शन इतना ख़राब था कि फ़िल्म अपनी लागत भी वसूल नहीं कर सकी.

हालांकि इसे संयोग मानकर हरमन ने साल 2009 में 'विक्ट्री' और 'व्हाट्स योर राशि' जैसी फ़िल्मों में काम किया लेकिन दोनों ही फ़िल्में उनकी पहली फ़िल्म से भी ज्यादा बड़ी फ़्लॉप साबित हुईं और हरमन के करियर को ब्रेक लग गए.

साल 2014 में हरमन ने शिल्पा शेट्टी के बैनर तले बनी फ़िल्म 'ढिशक्याउं' से बतौर हीरो बड़े पर्दे पर वापसी की कोशिश की, लेकिन पब्लिक ने यहां भी सवाल पूछा 'मैं क्यों जाउं?', ज़ाहिर है फ़िल्म पहले ही हफ़्ते में सिनेमाघरों से उतार ली गई.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार