कमाल की 'द मार्शियन'

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रेटिंग : **** (चार स्टार)

29 सितंबर को नासा की ओर से मंगल ग्रह पर पानी मिलने की घोषणा के ठीक तीन दिन बाद आई फ़िल्म 'द मार्शियन' को ज़बरदस्त प्रचार और बॉक्स ऑफ़िस सफलता मिली है.

अगर आपको विज्ञान और ख़गोलीय घटनाओं में किसी भी प्रकार की दिलचस्पी है तो ब्रिटिश निर्देशक सर रिडली स्कॉट की इस मेगा बजट फ़िल्म को देख कर आप कह उठेंगे कि क्या कमाल की फ़िल्म है.

लेकिन अगर आपको इन सब चीज़ों में दिलचस्पी नहीं भी है और आप इसे बतौर फ़िल्म ही देखना चाहते हैं तो यक़ीन मानिए फ़िल्म के मुख्य अभिनेता मैट डैमन का अभिनय और कमाल के ग्राफ़िक्स आपको विस्मित कर देंगे.

अनुभव

इस फ़िल्म को थ्री डी में रिलीज़ किया गया है और जब आप मंगल ग्रह के दृश्य और अंतरिक्ष के दृश्यों को थ्री डी चश्मे से देखते हैं तो यह एक अद्भुत अनुभव होता है जिसे हॉल में हमारे आसपास बैठे लोगों की आवाज़ों और खुले मुंह को देख कर समझा जा सकता था.

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फ़िल्म की शुरुआत मंगल ग्रह पर मौजूद नासा के एक स्पेस दल 'एरेस 3' के साथ होती है जो मंगल ग्रह पर आए एक तेज़ तूफ़ान के चलते धरती पर वापस लौटने के लिए मजबूर हो जाते हैं.

तूफ़ान में हुए एक हादसे के चलते दल का एक सदस्य मार्क वॉटनी (मैट डैमन) मंगल ग्रह पर ही छूट जाता है और धरती पर उसे मृत मान लिया जाता है.

कहानी में जबरदस्त मोड़ तब आता है जब मार्क ज़िंदा बच जाता है और धरती के लोगों को संदेश भेजता है कि वह अभी ज़िंदा है.

इसके बाद मानवीय संवेदनाओं को कुरेद देने वाली एक कसी हुई कहानी से आप गुज़रते हैं जहां एक आदमी मंगल ग्रह पर जीवित रह गया है और उसकी मदद की एकमात्र उम्मीद उससे बस एक ग्रह की दूरी पर है, एक ग्रह की दूरी पर.

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पैसा वसूल

मंगल ग्रह पर एक ऐस्ट्रोनॉट के ज़िंदा बचे रहने की कोशिश, फ़सल उगाना, कृत्रिम बारिश करवाना और एक पूरे ग्रह पर डेढ़ साल अकेले गुज़ारने की कहानी आपको भी एक मिनट के लिए परेशान कर देगी.

मंगल ग्रह पर अपने मल से नाइट्रोजन बनाने से लेकर स्पेस में अपने सूट में छेद करने से लेकर इस फ़िल्म में कुछ भी अति काल्पनिक नहीं लगता क्योंकि नासा ने खुद इस फ़िल्म के निर्माण में साथ दिया है और इसलिए फ़िल्म रिएलिटी के बिल्कुल नज़दीक लगती है.

हां शायद इस फ़िल्म को देख कर आपको रॉबिन्सन क्रूसो की कहानी याद आ जाए लेकिन क्रूसो बस एक द्वीप पर फंसा था और यहां बात मंगल ग्रह की है.

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फ़िल्म में मुख्य अभिनेता के किरदार में मैट डैमन और नासा अधिकारी विसेंट कपूर के किरदार में च्यूटेल इजियोफ़ोर ने कमाल का अभिनय किया है क्योंकि यह दोनों ही अभिनेता इससे पहले बनी सुपरहिट साई फ़ाई फ़िल्म 'इंटरस्टेलार' और '2012' जैसी फ़िल्मों का हिस्सा रह चुके हैं.

इस फ़िल्म में वैसे तो आपको कई हैरतअंगेज़ कर देने वाले दृश्य दिखेंगे और सिनेमा के जादू को देखने के लिए आपको एक बार यह फ़िल्म ज़रुर देखनी चाहिए लेकिन इस फ़िल्म पर एक दर्शक की प्रतिक्रिया शायद सारी बात को सार में समझा देती है.

अधेड़ उम्र के दो दोस्त मुंबई के एक सिनेमा से इस फ़िल्म को देख कर निकलते हैं और कहते हैं,"यार, अंग्रेजी समझ आए न आए लेकिन ये लोग पिक्चर बड़ी कमाल की बनाते हैं."

(ये फ़िल्म 2011 में आई लेख़क एंडी वीयर की डेब्यू नॉवेल 'द मार्शियन' पर आधारित है, यह नॉवेल अमेरिका में इस साल का बेस्ट सेलिंग नॉवेल रहा है)

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