डरता हूँ शाहिद मुझे रिजेक्ट न कर दे: पंकज कपूर

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आमतौर पर मीडिया से दूर रहने वाले अभिनेता पंकज कपूर इस बार फ़िल्म 'शानदार' के लिए प्रमोशन में हिस्सा ले रहे हैं.

इसी फ़िल्म के सिलसिले में पकंज कपूर से मुंबई के होटल में हमारी मुलाक़ात हुई. पंकज अपने बेटे शाहिद और बेटी सना के साथ पहली बार पर्दे पर नज़र आने वाले हैं.

बीबीसी से बातचीत के दौरान उन्होनें मीडिया से झिझक, शाहिद से रिश्तों के अलावा भारत में सांप्रदायिक तनाव पर भी अपनी राय रखी.

शाहिद से डर

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पकंज कपूर ने साल 2011 में शाहिद को मुख्य रोल में लेकर 'मौसम' बनाई थी लेकिन फ़िल्म फ़्लॉप साबित हुई.

अब पकंज का मानना है कि वो शाहिद को कास्ट करने से डरते हैं. वे कहते हैं, "एक तो हैदर की कामयाबी के बाद मुझे लगता है कि कहीं अगली कहानी के लिए वो मुझे बतौर निर्देशक रिजेक्ट ना कर दे."

"मैं शाहिद, अपनी पत्नी सुप्रिया पाठक और अपनी बेटी सना को लेकर फ़िल्म बना तो लूं लेकिन मुझे डर है कि कहीं मेरे बच्चे मुझे ये कहते हुए रिजेक्ट ना कर दें कि आपने ये कैसा छोटा मोटा रोल लिख दिया है, हमें तो बहुत अच्छे रोल मिल रहे हैं."

बावजूद इसके पंकज कहते हैं कि वो ज़रूर अपने पूरे परिवार के साथ एक फ़िल्म बनाना चाहेंगे.

नसीहत

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पंकज कपूर को हिंदी फ़िल्मों से जुड़े काफ़ी अरसा हो गया है और वो मंझे हुए कलाकार माने जाते हैं, ऐसे में क्या वो शाहिद को कोई सलाह या नसीहत देते हैं?

इस पर पकंज कहते हैं, "नसीहत देने का ज़माना गया, वो एक हज़ार साल पहले की बात थी. बुज़ुर्ग बोला करते थे और बच्चे उनकी सुना करते थे लेकिन अब ऐसा नहीं है और मैं अपने आपको बहुत ख़ुश क़िस्मत मानता हूँ कि मेरे बच्चे मेरी सुनते हैं जो काफ़ी है."

पंकज कपूर कहते हैं कि वे अपनी 60 साल की ज़िन्दगी के अनुभवों को बच्चों के साथ साझा करते हैं और उनसे भी काफ़ी चीज़े सीखते हैं चाहे फिर वो घर खरीदने की बात हो, कहीं छुट्टी जाने की बात या फिर कोई निजी फ़ैसला.

पार्टियों से दूर

बॉलीवुड की चकाचौंध वाली दुनिया से दूर रहने वाले पंकज अपने आप को असामाजिक तरह का आदमी मानते हैं.

वो कहते हैं, "मैं पार्टियों या सामाजिक कार्यक्रमों मैं बहुत कम ही जाता हूँ. लेकिन जब जाता हूँ तो अकेला नहीं बल्कि पूरे परिवार के साथ क्योंकि मैं दोस्तों और परिवार को छोड़ कर बाहरी लोगों से सहज नहीं हो पाता."

राजनीति

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बीफ़ बैन, पाकिस्तानी कलाकारों पर पाबंदी, साहित्यकारों का विद्रोह इन सभी मुद्दों पर वो एक अलग राय रखते हैं.

वो कहते हैं, "मैं राजनीतिक व्यक्ति नहीं हूँ और ऐसे में ऐसे किसी मुद्दे पर कोई वक्तव्य नहीं दे सकता. लेकिन छोटी सी बात है कि हम सब इंसान हैं और किसी सरहद, ख़ाने, सोच के चलते हम अलग कैसे हो जाते हैं? इस पर हमें सोचना होगा."

फ़िल्म 'शानदार' 22 अक्टूबर को रीलीज़ हो रही है.

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