चार्ल्स से आज भी युवा प्रभावित हैं: रणदीप

अभिनेता रणदीप हुड्डा का मानना है कि शातिर अपराधी चार्ल्स शोभराज का प्रभाव आज भी युवाओं पर है.

सिलसिलेवार क़त्लों और जालसाज़ी के मामले में कई बार पकड़ा गए और सज़ा भी हुई. लेकिन शातिराना तरीक़े से वो जेल से भाग खड़े हुए.

इमेज कॉपीरइट spice

चार्ल्स की ज़िन्दगी कई दिलचस्प मोड़ से होकर गुज़रती है और उनकी ज़िन्दगी पर कई फ़िल्मकारों ने फ़िल्म बनाने की पहले भी कोशिश की है लेकिन सफलता प्रवाल रमन को मिली.

'मैं और चार्ल्स' के नाम से बनी इस फ़िल्म में रणदीप हुड्डा मुख्य भूमिका में हैं.

रणदीप रविवार को इस फ़िल्म की टीम के साथ काठमांडू की जेल में क़ैद चार्ल्स से मिलने पहुंचे.

इमेज कॉपीरइट spice

इस मुलाक़ात के बारे में रणदीप कहते हैं, "चार्ल्स से मिलने के लिए हमें काफ़ी तकलीफ़ उठानी पड़ी, आख़िरकार वहां के जेलर की अनुमति से हमें चार्ल्स से मिलने का मौक़ा मिला."

वे आगे कहते हैं, "72 वर्ष कि उम्र में भी चार्ल्स की लोकप्रियता बरक़रार है, जेल में भी उन्होंने मित्र बना लिए हैं."

क़रीब 10 मिनट की मुलाक़ात में चार्ल्स ने रणदीप से फ़िल्म के कुछ पोस्टर्स अपने सेल में लगाने के लिए मांगे और कुछ पर अपने हस्ताक्षर कर रणदीप को वापस कर दिए.

चार्ल्स ने रणदीप से फ़िल्म की रिलीज़ को लेकर राज़ खोलते हुए कहा, "मैंने बहुत कोशिश की तुम्हारी फ़िल्म रिलीज़ ना होने दूं, लेकिन अमोद कंठ की वजह से मैंने हां कर दी."

चार्ल्स के ख़िलाफ़ चल रही क़ानूनी जांच में मुख्य भूमिका निभाने वाले अमोद कंठ 1974 से 1988 तक पुलिस सेवा में कई प्रमुख पदों पर रहे और वे इस फ़िल्म के निर्माण से तथ्यों की पुष्टि के लिए जुड़े रहे हैं.

रणदीप चार्ल्स की लोकप्रिय छवि पर कहते हैं, "दुख कि बात हैं कि कई युवा आज भी चार्ल्स से काफ़ी प्रभावित हैं, हमें और चार्ल्स जैसे लोग नहीं चाहिए."

30 अक्तूबर को रिलीज़ हो रही फ़िल्म 'मैं और चार्ल्स' में रणदीप चार्ल्स शोभराज की भूमिका में नज़र आएंगे.

अपने किरदार से प्रभावित रणदीप कहते हैं, "चार्ल्स के किरदार से हुए लगाव की वजह से इस मुलाक़ात का फ़ैसला किया."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार