36 लाख का वाद्य यंत्र

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'पैडल हार्प' नाम का यह वाद्य यंत्र आपने अक्सर हॉलीवुड की फ़िल्मों में या किसी विदेशी म्यूज़िक कंसर्ट में देखा होगा लेकिन भारत में यह यंत्र कम ही देखने को मिलता हैं.

प्राचीन काल से चला आ रहा यह यंत्र आज भी भारत में मात्र 3 से 4 लोगों के पास ही हैं.

अधिकतर ऑर्केस्ट्रा में इस्तेमाल होने वाला यह वाद्य यंत्र लगभग 6 फीट लंबा होता हैं और इसका वज़न तकरीबन 40 किलो तक होता है.

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इस यंत्र में 47 स्ट्रिंग्स यानी तार और 7 पैडल मौजूद होते हैं जिन्हें पैरों से संतुलित करना होता हैं.

मुंबई के कोलाबा इलाके में रह रही मिगेंन पांडियन ने वर्ष 2014 में 'पैडल हार्प' सीखना शुरु किया.

मिगेंन ने बीबीसी को बताया, "पैडल हार्प कि कीमत उतनी ही ज़्यादा होती हैं जितना पुराना वह हार्प होता हैं, क्योंकि हार्प से निकलने वाली अवाज़ समय के साथ बेहतर हो जाती हैं."

24 वर्षीय मिगेंन को संगीत से काफी लगाव हैं, उन्होंने पैडल हार्प के अलावा भी कई यंत्र सीखे हैं.

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वर्ष 2014 की शुरुआत में मिगेंन पियानो सीखने फ्रांस गई थी और वहीं उन्होंने पैडल हार्प के बारे में जाना.

वे कहती हैं, "मुझे यह जानकर बड़ा आश्चर्य हुआ की भारत में इस संगीत उपकरण के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं."

अधिकतर यूरोपियन देशों में दिखाई देने वाला यह यंत्र मिगेंन को भारत में कही उपलब्ध नहीं हुआ .

मिगेंन कहती हैं, "काफी मुश्किलों के बाद मेरे पती को पैडल हार्प एक महिला से मिला जो भारत से अपने घर फ्रांस वापस जा रही थी."

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वे आगे कहती हैं, "बहुत वर्षों पुराना होने के वजह से हमें यह यंत्र 36 लाख रुपये में खरीदना पड़ा."

लेकिन मिगेंन को हार्प खरीदने के बाद भी भारत में यह यंत्र सीखाने वाले की तलाश थी. मिगेंन ने बताया, "आखिरकार मुझे यह यंत्र इंटरनेट कि मदद से ही सीखना पड़ा."

मिगेंन ने अमरिका में रहने वाली क्रिस्टीना से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा पैडल हार्प का इस्तेमाल सीखा.

हाल ही में बॉलीवुड के मशहूर गायक अरिजीत सिंह के साथ मिगेंन को एक म्यूज़िक कंसर्ट में पैडल हार्प पर अपनी प्रस्तुति देने का मौका मिला.

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मिगेंन कहती हैं, "अरिजीत के साथ प्रस्तुती देने के बाद लोगों को पैडल हार्प के बारे में पता चला कई दर्शकों ने मुझसे आकर हार्प के बारे में जाना."

पैडल हार्प की कीमत और उसके वादन में लगने वाले ज्ञान की कमी के कारण भारत में इसकी लोकप्रियता इतनी कम है.

फ़िलहाल मिगेंन के अलावा भारत में कुछ ही लोग हैं जो प्रोफ़ेशनल तौर पर इसे इस्तेमाल करना जानते हैं.

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