‘धृतराष्ट्र’ बने मिस्टर वर्ल्ड

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साल 2013-14 में स्टार प्लस पर दिखाए गए ‘महाभारत’ में धृतराष्ट्र की भूमिका निभाने वाले ठाकुर अनूप सिंह आज एक लोकप्रिय हस्ती बन गए हैं.

लेकिन उनकी लोकप्रियता का उनके अभिनय से कुछ लेना देना नहीं है.

दरअसल अनूप ने ‘वर्ल्ड बॉडी बिल्डिंग एंड फ़िज़ीक चैंपियनशिप’ में स्वर्ण पदक जीतकर मिस्टर वर्ल्ड का ख़िताब अपने नाम किया है.

यह प्रतियोगिता वर्ल्ड बॉडी बिल्डिंग एंड फ़िज़ीक स्पोर्ट फ़ेडरेशन साल 2009 से आयोजित कर रही है. यह 1996 से करवाए जा रहे ‘मिस्टर वर्ल्ड’ प्रतियोगिता से भिन्न है.

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मिस्टर वर्ल्ड का यह ख़िताब अनूप को उनके खेल प्रतिस्पर्धाओं में प्रदर्शन के लिए नहीं बल्कि विशुद्ध रुप से उनकी फ़िज़ीक के लिए दिया गया है.

आज वो भले ही मिस्टर वर्ल्ड बन गए हों, लेकिन अनूप के अनुसार यह राह आसान नहीं थी, ख़ासकर तब जब आपको धारावाहिकों में भी मेन लीड रोल न मिल रहा हो.

दरअसल अनूप की कहानी किसी के लिए भी प्रेरणा देने वाली है क्योंकि आर्थिक मंदी के दौर में अपनी पायलट की नौकरी खो चुके अनूप को अभिनय के क्षेत्र में भी 136 बार ऑडिशन देना पड़ा.

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अनूप बताते हैं, “सफलता मिलने पर अच्छा लगता है लेकिन बीते वक़्त को मैं भूला नहीं हूं. नौकरी जाने के बाद मैंने किसी की सलाह पर अभिनय के क्षेत्र में हाथ आज़माया. लेकिन दो सालों तक मुझे काम नहीं मिला. यहां तक कि घरवालों का भी विश्वास मुझसे उठ गया था.”

साल 2010 में बेहद परेशानी से जूझ रहे अनूप को बालाजी टेलीफ़िल्मस के धारावाहिक महाभारत में धृतराष्ट्र का रोल तो मिला लेकिन यह धारावाहिक तकनीकी कारणों के कारण दो साल बाद ही रिलीज़ हुआ.

अनूप बताते हैं, “यह रोल संजीवनी की तरह था क्योंकि इसके बाद मुझे जय हनुमान, अक़बर बीरबल जैसे धारावाहिकों में काम मिला. तब तक मैंने सोच लिया था कि मुझे बॉडी बिल्डिंग की दुनिया में अपना नाम कमाना है.”

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बैंकॉक में आयोजित बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप में 6 फ़ीट लंबे अनूप ने 43 देशों से आए 76 प्रतिभागियों को पछाड़ कर पहला स्थान हासिल किया.

अनूप बताते हैं कि ऐसा शरीर बनाने के लिए वो शूटिंग से वक़्त निकाल कर दिन में तीन बार जिम जाया करते थे.

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अपनी डाएट के बारे में वो कहते हैं, “ मैं पूरे दिन में लगभग 40 अंडे ख़ाता था और सिर्फ़ उबला खाना ख़ाता था, न नमक, न मसाले. अगर चिकन भी ख़ाता तो सिर्फ़ उबला हुआ बिना नमक के.”

अनूप कहते हैं कि शुरुआत में लोग उन पर ताना कसते थे और परिवार के लोगों को भी उनकी मेहनत, वक़्त की बर्बादी लगती थी. लेकिन मिस्टर इंडिया और एशिया का ख़िताब जीतने के बाद घरवालों का सपोर्ट उन्हें मिलने लगा.

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वो कहते हैं, “लोगों को मेरा शरीर देखकर यकीन नहीं होता कि मैं एक प्रोफ़ेशनल पायलट हूं लेकिन यही सच है.”

इस ख़िताब के बाद अनूप को दक्षिण भारत की कुछ फ़िल्मों में लीड रोल मिला है और वो जल्द ही बॉलीवुड में डेब्यू का सपना सच होते देखना चाहते हैं.

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