'बुढ़ापे और मरने से पहले मिले पुरस्कार'

बीते ज़माने की अदाकारा सिमी ग्रेवाल का मानना है कि पुरस्कार बुढ़ापे और मरने से पहले ही मिल जाना चाहिए, ताकि उसका आनंद लिया जा सके.

दरअसल, अभिनेत्री सिमी राष्ट्रीय यश चोपड़ा मेमोरियल अवॉर्ड के तीसरे साल की ज्यूरी में शामिल हैं.

इस बार यह अवॉर्ड अभिनेत्री रेखा को दिया जाएगा और इसी सिलसिले में मीडिया से बात करते हुए सिमी ने कहा, ''इस बार इस अवॉर्ड के लिए रेखा के नाम पर सबने सहमति जताई.''

सिमी ने पुरस्कारों को देरी से देने पर नाराज़गी जताते हुए कहा, ''पुरस्कार देने में इतनी देरी हो जाती है कि पाने वाला उसका आनंद भी उठा नहीं पाता, मरने के बाद अवॉर्ड मिलने का क्या फायदा. ''

ग़ौरतलब है कि इससे पहले यह पुरस्कार लता मंगेशकर और अमिताभ बच्चन को दिया जा चुका है. फ़िल्मकार यश चोपड़ा की याद में पिछले तीन साल से पुरस्कार दिया जा रहा है.

अभी तक ट्रेजडी किंग दिलीप कुमार को इससे दूर क्यों रखा गया. इसके जवाब में उन्होंने कहा, ''अब तो उन्हें पदम विभूषण से नवाज़ा जा चुका है, इसके बाद तो सभी पुरस्कार फीके हैं. मेरा तो मानना है कि पहला यश चोपड़ा मेमोरियल अवॉर्ड उन्हें ही दिया जाना चाहिए था.''

उन्होंने कहा कि उनका ही नाम सबसे पहले था, लेकिन पदम विभूषण के बाद ये पुरस्कार देना ठीक नहीं लगा.

ज्यूरी सदस्यों में शामिल अभिनेत्री जया प्रदा ने हिंदी सिने जगत के विस्तार पर ख़ुशी जाहिर करते हुए कहा, ''पहले लोग रीज़नल सिनेमा से हिंदी में आने की बात करते थे, अब तो कलाकार हॉलीवुड तक में जा रहे हैं.''

साथ ही अपनी और अभिनेत्री श्रीदेवी के संबंधो के बारे में कहती है, ''हम दोनों 25 साल बाद एक साथ नज़र आए. स्वस्थ प्रतियोगिता अच्छी बात है और वह होनी भी चाहिए .''

दक्षिण भारतीय अभिनेत्रियों कि मजबूत उपस्थिति के बारे में जया ख़ुशी जताते हुए बोलीं, '' अच्छा लगता है. साउथ से नार्थ में आकर काम करना थोड़ा मुश्किल होता है. क्योंकि भाषा और रहन-सहन भी अलग-अलग होता है.''

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