कटरीना की मां बनी तब्बू

12 फ़रवरी को रिलीज़ के लिए तैयार फ़िल्म 'फ़ितूर' साल 2015 में अपनी शूटिंग के समय से ही ख़ासा चर्चा में थी.

इस चर्चा के कई कारण थे जिनमें कटरीना- आदित्य रॉय कपूर की जोड़ी का पहली बार पर्दे पर आना, रेखा का फ़िल्म को छोड़कर जाना जैसे मु्द्दे प्रमुख थे.

लेकिन इस फ़िल्म के ट्रेलर लांच पर एक और अजीब बात सामने आई कि इस फ़िल्म में कटरीना की मां का रोल अभिनेत्री तब्बू ने निभाया है.

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दरअसल इस फ़िल्म में कटरीना की मां का किरदार पहले रेखा निभा रही थी लेकिन फिर स्क्रिप्ट को लेकर हुए कुछ विवादों के चलते बीच शूटिंग के दौरान रेखा ने इस फ़िल्म से किनारा कर लिया.

ऐसे में तब्बू ने अपने फ़िल्म के निर्देशक और अपने दोस्त अभिषेक कपूर (काई पो छे के निर्देशक) के कहने पर इस फ़िल्म में काम करने करने के लिए हां कर दी.

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अभिषेक कपूर ने बताया,"रेखा जी के इस फ़िल्म को बीच में छोड़ कर जाने को लेकर लोग जो भी अटकलें लगा रहे हैं वे बिल्कुल ग़लत हैं, उन्होनें फ़िल्म को अचानक छोड़ा यह बात सही है लेकिन ऐसा उन्होनें क्यों किया इस बात की सफ़ाई देने वो कभी नहीं आएंगी क्योंकि वो एक गैर मिलनसार जीवन जी रही हैं."

वैसे 'फ़ितूर' लेख़क चार्ल्स डिकेन्स के मशहूर उपन्यास "ग्रेट एक्सपेक्टेशन" का भारतीय संस्करण है और अभिषेक ने साफ़ किया कि कश्मीर की पृष्ठभूमि वाली यह फ़िल्म पाकिस्तान विरोधी नहीं है.

इस फ़िल्म में कटरीना कैफ़ की मां का किरदार निभा रही तब्बू इससे पहले शाहिद कपूर की मां का रोल भी कर चुकी हैं और मानती हैं कि रोल ज़्यादा महत्वपूर्ण होता है, "मुझे गट्टू (निर्देशक) में पूरा विश्वास था और इसलिए मैं इस किरदार के लिए मान गई और मुझे ऐसा लग रहा है कि स्क्रीन पर यह दिखाई भी अच्छा देगा."

लेकिन फ़िल्म की मुख्य अभिनेत्री कटरीना के लिए यह आसान नहीं था,"तब्बू मेरी दोस्त जैसी हैं और उन्हें मां कहने में ही काफ़ी हिचक हो रही थी, ये काफ़ी कठिन हो जाता है जब आपको अपनी सहेली को मां मानना पड़ता है."

तब्बू फ़िल्म में बेगम का किरदार निभा रही है जिसका पाकिस्तान से ताल्लुक और ऐसा माना जा रहा है कि यह किरदार अभिनेत्री रेखा के जीवन से प्रेरित है और इसी वजह से रेखा ने यह फ़िल्म बीच में छोड़ दी.

अभिषेक ने कहा,"तब्बू कमाल की अभिनेत्री हैं क्योंकि 'बेग़म' जैसे जटिल किरदार में घुसने के लिए उन्होनें सिर्फ़ तीन महीने लिए क्योंकि हमारे पास ज़्यादा समय नहीं था, सही मायनों में वो पानी के समान है और उन्हें जिस भी साँचे में डालो वो ढल जाती हैं."

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