घर बैठे बनाएं मास्टर शेफ़ सा खाना

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मुंबई, गुड़गांव, बेंगलुरु जैसे शहरों में 'मील किट्स' लोकप्रिय हो रहे हैं. ये ऐसी डिब्बाबंद सामग्री हैं जिसे ऑर्डर कर आप घर बैठकर क़ाबिल शेफ़ जैसा खाना बना सकते हैं.

'डू इट यॉरसेल्फ' के कॉन्सेप्ट पर चलने वाले इस ट्रेंड से घर बैठे 'इटालियन गर्बान्झो सलाद', 'वीकनाइट चिली विद ब्राउन राइस', 'मैज़ प्लैटर' जैसी विदेशी और भारतीय डिश अपनी रसोई में आसानी से बनाया जा सकता है.

उस डिश के लिए ज़रूरी सामान ख़रीदने के लिए बाहर भी नहीं जाना होगा. वेबसाइट पर मेन्यू देख कर ऑर्डर किया जा सकता है. ऑर्डर किए हुए किट में रेसिपी भी साथ होती है.

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हॉट शेफ़ के सीईओ विशाल शाह ने बीबीसी को बताया, "पूरे भारत में ऐसे 18 ब्रांड हैं, जो मील किट्स बिज़नेस में हैं. यह चलन बीते डेढ़-दो साल से काफ़ी लोकप्रिय हो रहा है.''

वह बताते हैं कि उन्होंने 50 लाख का निवेश करके इस बिज़नेस की शुरुआत की, लेकिन फ़िलहाल इसका मार्केट शेयर बताना मुश्किल है.

मुंबई में हॉट शेफ़, आई शेफ़, बर्गंडी बॉक्स और शेफ्स बास्केट जैसे ब्रांड्स हैं, जो मील किट्स डिलीवर करती हैं. ये रेस्टोरेंट से किफ़ायती होने का दावा भी करते हैं.

बर्गंडी बॉक्स के संस्थापक शेफ़ अजय चोपड़ा का कहना है, "बदलते समय में वर्किंग कपल्स के लिए मील किट्स ‘आज क्या बनेगा’ और खाने में वैरायटी का जवाब है."

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"इनसे खाना पकाना इतना आसान होता है कि हमने बच्चों की थीम पार्टी तक में डिलीवरी दी है."

अजय आगे बताते हैं, "वीकेन्ड में 80-82 ऑर्डर्स होते हैं और अन्य दिनों में औसतन 30-35 ऑर्डर्स होते हैं."

इन किट्स का इस्तेमाल करने वाली बांंद्रा की मंजू राव कहती हैं, "टीवी पर कुकिंग शो को देखने के बाद उन्हें घर में बनाने का मन होता है. लेकिन उन डिशेस की सामग्री मिलना मुश्किल होता है."

"कई बार ऐसी महंगी चीज़ों को ख़रीद भी लेते हैं, लेकिन डिश तैयार होने के बाद बची हुई चीज़ों को फेंकना पड़ता है.''

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लेकिन इन किट्स में सब नपा-तुला मिलता है, तो कुछ भी फेंकने की ज़रूरत नहीं पड़ती.

आई शेफ़ के सह-संस्थापक चिराग़ आर्या कहते हैं, "घर पर बनी डिश को लेकर आप को चिंता नहीं होती कि ये साफ़ तरीक़े से बनाया है या नहीं. इसलिए लोग इसे स्वस्थ और स्वच्छ खाने का विकल्प मानते हैं."

मील किट के पॉकेट फ्रेंडली होने के बारे में विशाल कहते हैं, "अच्छे रेस्टोरेंट में दो लोगों के खाने पर कम से कम 800-1,200 रुपए का ख़र्च होता है, लेकिन मील किट से यह काम 199 से 550 रुपए में हो जाता है."

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परिनाज़ बुहारियावाला को मील कीट बड़ी सहूलियत वाला विकल्प लगता है.

वह कहती हैं, "मुझे खाने का शौक़ है और अब बाहर जैसा खाना किफ़ायती दामों में मुझे घर पर ही मिल जाता है."

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लोखंडवाला की श्वेता ठाकुर का इन किट्स के बारे में कहना है कि इनकी वजह से मैं मास्टर शेफ़ जैसा खाना बना लेती हूं.

वीटी की इन्सियाह दारुखानावाला हर शनिवार मील किट ऑर्डर करती हैं. वह बताती हैं, "बाहर खाना खाने जाना मतलब ट्रैफ़िक और पार्किंग के लिए परेशान होना. मील किट्स के होते हुए मैं दोस्तों को भी घर पर रेस्टोरेंट जैसा खाना खिला सकती हूं."

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