पाकिस्तान में फ़िल्म बैन होने का दुख है

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सोनम कपूर की हालिया रीलीज़ फ़िल्म 'नीरजा' की चर्चा हर तरफ़ हो रही है और इस फ़िल्म में उनके अभिनय को भी काफ़ी सराहा जा रहा है.

सोनम के आलोचक भी इस बार उनकी अभिनय क्षमता का लोहा मान रहे हैं और इस रोल को उनका अब तक का सबसे अच्छा रोल माना जा रहा है.

लेकिन क्या सोनम ऐसा मानती हैं?

नीरजा फ़िल्म की सफलता और इस फ़िल्म के महाराष्ट्र में टैक्स फ़्री कर दिए जाने के बाद बीबीसी से एक ख़ास मुलाक़ात में सोनम ने इस फ़िल्म से जुड़े अपने डर हमारे सामने रखे.

सोनम को ख़ासा मलाल है कि फ़िल्म पाकिस्तान में रीलीज़ नहीं हो सकी और अपनी मायूसी बयान करते हुए वो कहती हैं, "इस फ़िल्म को पाकिस्तान में दिखाया जाना चाहिए. इसमें ऐसा कुछ नहीं हैं जो किसी के ख़िलाफ़ है. यह फ़िल्म वहां बैन हो गई है और इस बात से मैं काफ़ी अपसेट हूं."

इस फ़िल्म को लेकर तारीफ़े बटोर रही सोनम के आलोचक भी कह रहे हैं कि यह रोल उनके लिए वरदान बन कर आया है.

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सोनम कहती हैं,"देखिए मैं अपनी जज ख़ुद नहीं हो सकती लेकिन हां शायद यह अभी तक का मेरा बेस्ट रोल है क्योंकि लोगो को पसंद आ रहा है."

वो आगे कहती हैं, "रांझना भी एक अच्छा किरदार था लेकिन मुझे लोगों ने पसंद नहीं किया क्योंकि अंत में मेरे कारण धनुष का किरदार मर जाता है."

सोनम इस वक़्त नीरजा से मिल रही सफलता से ख़ुश तो हैं लेकिन इसे अपने सिर चढ़ने नहीं देना चाहती.

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वो कहती हैं, "मैं अभी और काम करना चाहती हूं और ऐसी ही मज़बूत स्क्रिप्ट करना चाहती हूं क्योंकि इससे बतौर एक्टर आप और मज़बूत होते हैं."

चलते चलते बॉलीवुड में हॉलीवुड जाने की होड़ के सवाल पर उन्होनें कहा कि दुनिया आज छोटी हो गई है और भारत भी हॉलीवुड के लिए एक महत्वपूर्ण बाज़ार है.

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वो कहती हैं, "मैं उस दिन हॉलीवुड ज़रुर जाउंगी जब मुझे यहां मेरी पंसद का काम नहीं मिलेगा. फ़िलहाल तो मुझे यहां ही बहुत अच्छे रोल मिल रहे हैं लेकिन फिर भी किसी स्क्रिप्ट में अगर मेरी ज़रुरत हुई तो ज़रुर मैं उसका हिस्सा बनूंगी भले ही वो किसी भी भाषा की फ़िल्म क्यों न हो."

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