आपके टीवी धारावाहिक बदलने वाले हैं

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साल 2015 में सिर्फ़ क्राईम, नाग नागिन, चुड़ैल, भूत प्रेत और देवी देवताओं की कहानियों से दर्शकों का मन बहलाने की आलोचना सह चुके टीवी चैनल अब कुछ नया करने की तैयारी में हैं.

साल 2016 का मार्च महीना टीवी पर ऐसे नए धारावाहिकों को लेकर आ रहा है जिनका कॉन्सेप्ट 'फ़ॉर्मूला' सास-बहू धारावाहिकों से अलग है.

बीबीसी हिंदी ने डाली एक नज़र ऐसे ही कुछ धारावाहिकों पर:

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इस बदलाव की शुरूआत तभी हो गई थी जब भारतीय टेलिविज़न पर एपिक और ज़िंदगी जैसे चैनलों की शुरूआत हुई.

इन चैनलों ने सास बहू और साजिश वाले एकता कपूर के ट्रेडमार्क स्टाईल पर बने धारावाहिकों को एक किनारे कर नई शुरूआत की.

एपिक और ज़िंदगी को दर्शकों से मिली अच्छी प्रतिक्रिया के चलते दूसरे चैनलों ने भी नए कॉन्सेप्ट वाले धारावाहिकों को मौका दिया.

स्टार पर 'एवेरेस्ट', एंड टीवी पर 'बेगुसराय' और कलर्स पर 'सम्राट अशोक' जैसे लीक से हटकर कार्यक्रम दिखे.

दर्शकों को भी नए बदलाव पसंद आए और यही कारण है कि अब सभी चैनलों पर एक या दो ऐसे धारावाहिक दिखेंगे जो लीक से हटकर हैं या फिर ऐसा दावा करते हैं.

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इस लिस्ट में पहला नाम है एंड टीवी पर शुरू होने जा रहा धारावाहिक 'मेरी आवाज़ ही पहचान है'.

इस धारावाहिक में काम करने वाली अभिनेत्रियों के नाम सुनकर ऐसा लगता है कि जैसे किसी फ़िल्म की कास्टिंग हो.

दीप्ति नवल, ज़रीना वहाब, अमृता राव, पल्लवी जोशी जैसे दिग्गज कलाकारों को लेकर बने इस धारावाहिक को मंगेशकर बहनों की ज़िंदगी पर आधारित माना जा रहा है.

इस धारावाहिक को कंटेंट में बदलाव का एक बड़ा उदाहरण माना जा रहा है.

इस धारावाहिक में लीड रोल निभा रही अभिनेत्री दीप्ति नवल कहती हैं, "मैं टीवी से काफ़ी पहले जुड़ना चाहती थी लेकिन कुछ ऐसा सामने नहीं आ रहा था जिसे किया जाए. सिर्फ़ सास बहू और साजिशों के धारावाहिक इतने नेगेटिव थे कि कई ऑफ़र्स आने के बाद भी मैंने इन्हें हां नहीं कहा. लेकिन यह नया धारावाहिक लीक से हटकर है."

लीक से हटकर होने का दावा करता है सोनी टीवी पर नया नया शुरू हुआ धारावाहिक 'कुछ रंग प्यार के ऐसे भी'

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इस धारावाहिक की कहानी की काफ़ी चर्चा है. एक युवक अपनी मां की डॉक्टर से प्यार कर लेता है लेकिन वो उससे शादी नहीं कर सकता क्योंकि युवक को लगता है कि उसकी मां इस रिश्ते के ख़िलाफ़ है.

फ़िल्म निर्माता भरत धाभोलकर कहते हैं, "इंडियन टीवी का दर्शक अब बड़ा हो गया है और ऐसे में अगर इसके धारावाहिक भी बड़े हो रहे हैं तो इसमें कोई बुराई नहीं है. ये छोटे पर्दे के लिए एक्सपेरिमेंट का समय है जहां दर्शक कुछ नया देखने को तैयार है."

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लाईफ़ ओके पर शुरु होने वाले धारावाहिक 'बहू हमारी रजनीकांत' की कहानी भी कम रोचक नहीं है. एक सर्वगुणसपंन्न बहू है जो इतनी परफ़ेक्ट है कि ससुराल वाले भी आजिज़ आ गए हैं.

लाईफ़ ओके पर ही शुरू होने वाला धारावाहिक 'भक्ति में शक्ति' एक तरह से एपिक जैसे चैनलों को टक्कर देता है. हिंदू देवी देवताओं के चमत्कारों पर आधारित यह एक डॉक्यूड्रामा है जो लोगों के सामने आस्था और असलियत के राज़ खोलेगा.

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टीवी निर्माता सुधीर शर्मा कहते हैं,"टीवी इस साल बदलने वाला है क्योंकि लोग नया मांग रहे हैं. भले ही प्राईम टाईम में नाग नागिन या सास बहू चलें लेकिन बाकी स्लॉट्स में कुछ नया करने का ज़ोर है. आप बहुत दिनों तक सास बहू नहीं बेच पाओगे."

सुधीर की बात को आंकड़े भी सही बताते हैं क्योंकि नए कॉन्सेप्ट पर बने धारावाहिकों ने तेज़ी से टीआरपी आंकड़ो में उपर चढ़ने की कवायद शुरू कर दी है.

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लेकिन जानकार मानते हैं कि यह तो टीवी के बदलने की एक शुरूआत है और साल के उत्तरार्ध में जब कपिल शर्मा के शो और बिग बॉस की वापसी होगी तो कम टीआरपी ला रहे बचे खुचे पुराने धारावाहिक भी बंद हो जाएंगे.

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