एकता कपूर हैं टीआरपी क्वीन

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टीवी की दुनिया में एकता कपूर का राज चलता है. ये बात बीते हफ़्ते की टीआरपी को देख कर एक बार फिर साफ़ हो जाती है.

तीन अलग-अलग चैनलों पर आने वाले टॉप धारावाहिकों की निर्माता एकता कपूर ही हैं.

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टीआरपी की दौड़ में अव्वल आने वाले कलर्स के पास इस वक़्त दो ऐसे धारावाहिक हैं जिनसे वो टीआरपी की दौड़ में काफ़ी आगे है.

कलर्स के 'नागिन' को हर दिन लगभग 17 प्रतिशत दर्शक देख रहे हैं जबकि इसी चैनल का रिएलिटी शो 'इंडियाज़ गॉट टैलेंट' भी रिपीट टेलिकास्ट की बदौलत अच्छी ख़ासी टीआरपी बटोरता है.

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लेकिन कलर्स पर 7 मार्च से शुरू हुए धारावाहिक 'कसम- तेरे प्यार की' ने जिस तेज़ी से टीआरपी में अपनी जगह बनाई है वह काबिले तारीफ़ है

बालाजी टेलिफ़िल्म्स के इस धारावाहिक की निर्माता एकता कपूर हैं और ख़ुद क़रीब से इस धारावाहिक का काम देख रही हैं.

पंजाब की पृष्ठभूमि में बनी ऋषि और तनु की इस प्रेम कहानी को लोग पसंद कर रहे हैं, जिसमें दो प्रेमियों का मिलना कुंडली में लिखा है लेकिन परिवार वाले उन्हें मिलने नहीं देना चाहते.

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दूसरे नंबर के चैनल स्टार के पास ताल ठोकने के लिए है कार्यक्रम 'ये है मोहब्बतें' जिसके लीड रोल निभाने वाले करण पटेल और दिव्यांका त्रिपाठी की लोकप्रियता लगभग फ़िल्म स्टारों जैसी है.

3 दिसंबर 2013 से शुरू हुआ यह धारावाहिक स्टार के लिए जबरदस्त टीआरपी बटोर के लाता है और यही कारण है कि 10 साल तक आगे बढ़ चुकी इस कहानी में अभी भी दर्शकों का उत्साह बाकी है.

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एकता कपूर के इस धारावाहिक में इतने किरदार आ और जा चुके हैं, इतनी बार उनका मूड बदल चुका है कि इसकी सीधी कहानी लिखना मुश्किल है लेकिन आसान शब्दों में एक डेंटिस्त इशिता और एक तलाक़शुदा बिज़नैसमैन रमन की यह कहानी है.

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तीसरे नंबर पर क़ाबिज़ है 'ज़ी टीवी' अपने सबसे लोकप्रिय धारावाहिक 'कुमकुम भाग्य' के साथ. यह धारावाहिक भी बालाजी टेलिफ़िल्मस के बैनर तले बना है.

15 अप्रैल 2014 से शुरू हुए इस धारावाहिक की कहानी थोड़ी बहुत सुप्रसिद्ध अंग्रेज़ी लेखिका जेन ऑस्टेन के उपन्यास 'सेंस एंड सेंसिबिलिटी' पर आधारित है.

हालांकि इस शो के निर्देशक शरद पांडे हैं और एकता की भूमिका इसमें एक निर्माता की है लेकिन उनकी छाप इस धारावाहिक में भी साफ़ दिखती है.

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एकता कपूर के धारावाहिकों की एक ट्रेडमार्क निशानी है कि उसमें नए नए किरदार आते रहते हैं और किसी एक मुद्दे पर नहीं सप्ताह भर छोटे छोटे मुद्दों पर कहानी दौड़ती रहती है सालों साल.

शायद दर्शकों भी इस ट्रीटमेंट की आदत हो गई है और इसलिए एकता ही टीवी की टीआरपी पर राज कर रही हैं.

(सभी तथ्य 'बार्क' की तरफ़ उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित, 'बार्क' टीआरपी एकत्रित करने वाली आधिकारिक एजेंसी है)

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