धमाके की ख़बरों को प्रमुखता

दिल्ली के अख़बार

दिल्ली हाई कोर्ट के बाहर हुए विस्फोट को भारत से छपने वाले सभी अख़बारों ने प्रमुखता से छापा है.

अख़बारों के पहले पन्ने पर पुलिस द्वारा जारी दो संदिग्धों के स्कैच छापने के अलावा बुधवार सुबह धमाके के बाद के घटनाक्रम का सिलसिलेवार ब्योरा छापा है.

'जनसत्ता' की हेडलाइन है – राजधानी फिर आतंकवादियों के निशाने पर.

इसके अलावा 'जनसत्ता' ने ‘ख़ुफ़िया एजेंसियों में तालमेल की कमी फिर सामने आई’ शीर्षक से भी एक ख़बर छापी है.

दिल्ली से छपने वाला समाचार पत्र 'हिंदुस्तान' की सुर्ख़ी है - धमकी देकर किया धमाका.

'फ़िर दहली दिल्ली'

'हिंदुस्तान' लिखता है कि नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की सूचना पर उत्तर प्रदेश के चंदौली में कुछ स्थानों पर छापेमारी की ख़बर है. अख़बार ने लिखा है कि ईमेल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर इस मामले में बांग्लादेश के चरमपंथी संगठन हूजी का हाथ माना जा रहा है.

'दैनिक जागरण' की प्रमुख ख़बर की शीर्षक है - फिर दहली दिल्ली, 11 की मौत.

अख़बार ने बॉक्स में धमाके में इस्तेमाल पीईटीएन विस्फोटक के बारे में जानकारी दी है. दैनिक जागरण में नोएडा के एक युवक को दिल्ली में धमाके के बारे में पाकिस्तान से 16 अगस्त को एक फोन आने की ख़बर भी छापी है.

अख़बार ने दिल्ली में हुए विस्फोटों का एक कालक्रम भी छापा है जिसमें जनवरी 1997 के बाद से अब तक हुई धमाके की जानकारी दी गई है.

दिल्ली से छपने वाले अंग्रेज़ी समाचार पत्र 'द टाइम्स ऑफ़ इंडिया' ने मास्टहेड के ठीक नीचे प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ितों के बयान छापे हैं.

अख़बार के हेडलाइन है - टेरोरिस्ट्स स्ट्राइक यट अगेन, एट विल.

अख़बार ने सवाल उठाया है कि हाई कोर्ट के बाहर सबसे व्यस्त रहने वाली जगह पर सुरक्षा इतनी ढीली क्यों थी? अख़बार लिखता है कि पुलिस को अब कार की तलाश है, जिसपर सवार होकर चरमपंथी भागे होंगे.

दिल्ली से छपने वाले एक अन्य अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स की सुर्ख़ी है – हार्ट ऑफ़ डेल्ही ब्लीड्स.

'हिंदुस्तान टाइम्स' ने ग्राफ़िक्स के ज़रिए घटनास्थल के काल्पनिक चित्र प्रकाशित किए हैं. अन्य अख़बारों की तरह 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी लोहिया अस्पताल में राहुल गांधी के आने पर उनके विरुद्ध हुई नारेबाज़ी की ख़बर को भी छापा है.

अंग्रेज़ी समाचार पत्र 'द हिंदु' की हेडलाइन है – 11 किल्ड एज़ ब्लास्ट रॉक्स डेल्ही हाई कोर्ट कॉम्पलेक्स. 'द हिंदु' लिखता है कि धमाके की जांच एनआईए की 20 सदस्यीय टीम कर रही है और सारे देश में सुरक्षा एलर्ट जारी कर दिया गया है.

अख़बार लिखता है कि दिल्ली के यमुना विहार इलाक़े में भी जांच से संबंधित तलाशी ली गई है.

'द इंडियन एक्सप्रेस' ने लिखा है कि 25 मई को हाई कोर्ट के बाहर हुए एक छोटे धमाके के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने छह बैठकें की हैं लेकिन फिर भी वो इस हादसे को नहीं टाल सके हैं.

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