शांति की अपील लेकिन प्रदर्शनकारी जमे

Image caption शनिवार को बिना किसी के आह्वान के बड़ी संख्या में लोग राजपथ पर पहुंच गए थे

दिल्ली में चलती बस में 23 वर्षीय लड़की के साथ बलात्कार को लेकर राजधानी में सैकड़ों की संख्या में लोगों ने देर शाम तक राजपथ पर प्रदर्शन किया है.

रात के करीब आठ बजे सरकार के तीन केंद्रीय मंत्रियों ने लोगों से अपील की है कि वो घर लौटें और संयम बरतें.

केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने यहां तक कहा कि उनकी भी तीन बेटियां हैं और वो मामले की गंभीरता को समझते हैं.

केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि वो शांत रहें लेकिन लगता नहीं है कि लोग जल्दी सरकार की अपील को मानने वाले हैं. शनिवार रात भले ही प्रदर्शन खत्म हो जाएं लेकिन संभव है कि रविवार को भी लोग फिर एक बार एकजुट हो जाएं.

इस बीच प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे से कहा है कि वो दिल्ली में सुरक्षा का माहौल सुनिश्चित करें ताकि गैंग रेप जैसी घटनाएं दोबारा न हो सकें.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार गृहमंत्री इस घटना पर हुई कार्रवाई के बारे में प्रधानमंत्री को जानकारी देने गए तो प्रधानमंत्री ने ये निर्देश दिए.

गृहमंत्री ने कहा कि वो व्यक्तिगत तौर पर खुद इस मामले पर नज़र रख रहे हैं.

प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज

शनिवार की सुबह बिना किसी योजना के बड़ी संख्या में युवक राजपथ पर पहुंचे और लोगों ने फिर नार्थ ब्लॉक की तरफ कूच कर दिया.

Image caption पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले भी छोड़े हैं.

उधर अस्पताल ने बलात्कार पीड़ित की हालत के बारे में ताज़ा अपडेट देते हुए कहा कि उसकी हालत पहले से बेहतर है.

माना जा रहा है कि वो गृह मंत्रालय के सचिव आरके सिंह के उन बयानों से नाराज़ थे जिसमें सिंह ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की तारीफ की थी.

प्रदर्शनकारियों में बड़ी संख्या में लड़कियां भी थीं. प्रदर्शनकारियों पर पहले पानी की तेज़ बौछारें की गईं जिसके बाद हल्का लाठीचार्ज़ भी किया गया.

दोपहर होते होते प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ने लगी और वो इंडिया गेट की तरफ जाने लगे.

आंसू गैस के गोलों की बौछार के बाद लोग इंडिया गेट की तरफ आ गए हैं और इंडिया गेट के कई एंट्री प्वाइंट्स को बंद कर दिया गया है.

टीवी पर दिखाई जा रही तस्वीरों के अनुसार इंडिया गेट पर जहां तहां लोग जमा होकर नारेबाज़ी कर रहे हैं और पुलिस उन्हें तितर बितर करने की कोशिश कर रही है.

असल में इस भीड़ का न तो कोई नेता है और न ही कोई अगुआ.

ऐसा लगता है कि मानो ये स्वत स्फूर्त भीड़ है और लोग अपने घरों से निकल आए हैं.

पुलिस के हल्के लाठीचार्ज में इक्का दुक्का लोग घायल बताए जा रहे हैं.