‘मनीष को लौटने का फ़रमान और एलजी साहब ख़ुद ग़ायब'

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दिल्ली में डेंगू और चिकनगुनिया के प्रकोप के दौरान दिल्ली के ज़्यादातर मंत्रियों पर राज्य से बाहर होने का आरोप है. राज्य के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया एजुकेशनल टूर पर फ़िनलैंड गए हुए हैं.

उन्हें अपना दौरा बीच में छोड़कर दिल्ली आने के लिए उपराज्यपाल नजीब जंग ने फैक्स किया. इस फैक्स के बारे में दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने बीबीसी को बताया, "हमने वो फैक्स नहीं देखा, पता नहीं मनीष जी को मिला भी है या नहीं. लेकिन टाइम्स नाउ चैनल के जरिए हमें उस फैक्स की जानकारी मिली."

इस जानकारी मिलने के बाद कपिल ने उपराज्यपाल से मिलने की कोशिश की. उन्होंने बताया, "हमें लगा कि कुछ अर्जेंट जरूरत होगी. मैं और सत्येंद्र जैन सुबह सुबह एलजी साहब से मिलने गए. पहले तो उनका दफ़्तर ही नहीं खोला गया, जब किसी तरह अंदर गए तो पता चला कि एलजी साहब छुट्टी पर हैं. शनिवार और रविवार को दिल्ली में नहीं रहते हैं."

कपिल मिश्रा इतने पर नहीं थमते. वे उपराज्यपाल से सवालिया लहजे में पूछते हैं, "अगर फैक्स पढ़कर, किसी जादू से मनीष दिल्ली आ भी जाते, तो उपराज्यपाल सोमवार से पहले उपलब्ध नहीं हैं. ये बड़ा अजीब लग रहा है. तीन दिन पहले तक उपराज्यपाल ख़ुद विदेश में थे और इस दौरान उन्होंने किसी से दिल्ली में डेंगू और चिकनगुनिया के हालात का जायजा नहीं लिया."

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कपिल मिश्रा के मुताबिक मनीष सिसोदिया पहले के प्लान के मुताबिक सोमवार से पहले लौट आने वाले थे, ऐसे में एलजी साब द्वारा फैक्स भेजने का मतलब वे समझ नहीं पा रहे हैं. इतना ही नहीं कपिल के मुताबिक उपराज्यपाल ने उनका फ़ोन भी ब्लॉक किया हुआ है.

दिल्ली के उपराज्यपाल के दफ़्तर में संपर्क करने पर किसी ने भी उपराज्यपाल के दिल्ली से बाहर होने या दिल्ली में होने के मामले पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया.

उधर मनीष सिसोदिया ने भी फ़ेसबुक के जरिए ये बताया है कि वे दिल्ली में शिक्षा की तस्वीर सुधारने के लिए दुनिया के सबसे बेहतरीन शिक्षा व्यवस्था वाले देश फ़िनलैंड के एजुकेशनल दौरे पर हैं, ना कि हॉलीडे पर.

वहीं दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा इन दिनों दिल्ली में डेंगू और चिकनगुनिया के ख़िलाफ़ 'वन दिल्ली' नाम से अभियान चला रहे हैं.

इस अभियान के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, "हमने अरविंद केजरीवाल जी से उनके ऑपरेशन के दिन बातकर के ये अभियान शुरू किया था और दिल्ली की तमाम जनता हमारे साथ आ गई. भारतीय जनता पार्टी के मनोज तिवारी, उदित राज, प्रवेश वर्मा भी हमारे साथ काम कर रहे हैं. दिल्ली के कई सेलिब्रेटी भी साथ आए हैं. लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी कांग्रेस का कोई नेता साथ नहीं आया है. अजय माकन, जेपी अग्रवाल और संदीप दीक्षित से संपर्क भी किया है, ना तो उन्होंने मना किया और ना ही साथ आए हैं."

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