'आतंकवाद से लड़ाई में भारत के साथ अमरीका'

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Image caption बराक ओबामा, नरेंद्र मोदी

अमरीका ने भारत प्रशासित कश्मीर के उरी में हुए चरमपंथी हमले की कड़ी निंदा की है.

अमरीकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा, "अमरीका कश्मीर में भारत के सैन्य शिविर पर हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करता है."

किर्बी ने विभाग की ओर से जारी एक बयान में कहा, "हम हमले के शिकार हुए लोगों और उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं. आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में अमरीका भारतीय सरकार के साथ मजबूत साझेदारी के प्रति समर्पित है."

अमरीका का यह बयान रविवार सुबह सेना के कैंप पर हुए हमले के बाद आया है. इस हमले में 17 सैनिक मारे गए. सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में चार संदिग्ध चरमपंथी भी मारे गए.

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Image caption उरी में तैनात भारतीय सुरक्षा बलों के जवान

भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर के उरी में सेना के कैंप पर हुए चरमपमंथी हमले के लिए पाकिस्तान स्थित चरमपंथी गुट जैश-ए-मोहम्मद को ज़िम्मेदार ठहराया है.

भारतीय सेना के डायरेक्टर जनरल ऑफ़ मिलिट्री ऑपरेशन्स लेफ़्टिनेंट जनरल रणवीर सिंह ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हमले के पीछे इस गुट का हाथ था, यह साफ़ है.

उन्होंने यह भी कहा कि हमलावर पूरी तरह से अति आधुनिक और ख़ास तौर पर इस्तेमाल होने वाले हथियारों से लैस थे. साफ़ लग रहा था कि उन्हें इस मक़सद के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षण दिया गया था.

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Image caption हमले के तुरंत बाद उरी में भारतीय सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाल लिया

सिंह ने कहा कि जो हथियार बरामद किए गए हैं, उन पर पाकिस्तान के निशान चिह्न भी बने हुए हैं.

मारे गए चरमपंथियों के पास से ग्रेनेड, ग्रेनेड फ़ेंके जाने वाले लॉन्चर और दूसरे हथियार बरामद हुए.

सिंह के मुताबिक़ कैंप पर हुए हमले की वजह से वहां आग लग गई. मारे गए 17 में से 14 जवानों की मौत आग में झुलसने से हुई है.

रणवीर सिेंह ने चेतावनी के लहजे में कहा कि हमलावरों को माकूल जवाब दिया जाएगा.

दूसरी ओर, पाकिस्तानी सरकार के प्रवक्ता ने बीबीसी से बातचीत में ने भारत के इन दावों को सिरे से ख़ारिज कर दिया है कि इस हमले में उसका कोई हाथ है.

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