चीनी हैलोजन लाइट से आंखों में संक्रमण!

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Image caption छत्तीसगढ़ के बालोद ज़िले में चीन में बनी हैलोजन लाइट से कथित तौर पर 800 से अधिक लोगों की आंखों में संक्रमण की शिकायत सामने आई है.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने चीन में बनी हुई हैलोजन समेत दूसरी हानिकारक लाइटों पर प्रतिबंध लगाने की बात कही है.

राज्य के बालोद ज़िले में कथित रूप से चाइनीज़ हेलोजन लाइटों के कारण 800 से अधिक लोगों की आंखों में संक्रमण और आंखों की रोशनी कम होने की शिकायत के बाद यह कदम उठाया गया है.

मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा, ''उस लाइट को प्रतिबंध करना होगा, जिस लाइट की वजह से ऐसा बार-बार हो रहा है. चाइनीज़ बल्ब का रिएक्शन ज्यादातर देखने में आया है तो उसके ऊपर भी कार्रवाई की जाएगी."

पहली घटना बीते शुक्रवार की रात बिरेतरा गांव में सामने आई जहां एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल हुए 400 से अधिक लोगों की आंखों में संक्रमण हो गया.

शनिवार को हालत ये हुई कि प्रभावित लोगों की आंखों में असहनीय दर्द के साथ सूजन आ गई और उनकी आंखें बंद हो गईं.

चिकित्सकों ने आरंभिक तौर पर माना कि सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में लगाए गए चाइनीज़ हैलोजन लाइट के कारण लोग 'इरिटेशन कंजक्टीवाइटिस' के शिकार हो गए.

इस घटना के बाद राज्य का पूरा सरकारी स्वास्थ्य अमला गांव पहुंचा और विशेष कैंप लगाकर लोगों की आंखों का इलाज शुरू किया गया.

इसके दो दिन बाद बालोद ज़िले के ही घोटिया में भी इसी तरह का मामला सामने आया और वहां भी 400 से अधिक ग्रामीण चाइनीज हैलोजन लाइट के शिकार हो गए.

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ज़िले के कलेक्टर राजेश सिंह राणा ने दोनों ही मामलों में एफआईआर दर्ज करने और मामले की जांच की बात कही है.

नेत्र विशेषज्ञ डॉक्टर दिनेश मिश्रा का कहना है कि सस्ती क़ीमत में मिलने वाली हैलोजन लाइटों में फिल्टर का उपयोग नहीं होता, इसलिए इससे निकलने वाली अल्ट्रा वायलेट किरणें सीधे आंखों तक पहुंच कर उसे नुकसान पहुंचाती हैं. इसके अलावा हैलोजन लाइट में उपयोग की जाने वाली गैस के लीक होने से भी संक्रमण होता है.

डॉक्टर मिश्रा के मुताबिक, ''उपयोगकर्ता को इस तरह के माहौल में पता ही नहीं चलता कि उसकी आंखों में कितनी तेज़ और हानिकारक रोशनी जा रही है. इस तरह की रोशनी से बचना ही इसका एकमात्र उपाय है.''

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