भारत ने पाक के खिलाफ़ हमलों के सबूत होने की बात कही

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भारत का कहना है कि उड़ी हमले में पाकितान के लोगों के शामिल होने के ठोस सबूत उसके पास हैं.

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा है कि भारत के पास - जिन्हें उन्होंने आतंकवादी बुलाया के फिंगरप्रिंट्स और डीएनए भी मौजूद हैं.

स्वरूप का कहना था कि वो इसे पाकिस्तान को मुहैया करा सकता है.

उनका कहना था कि पाकिस्तान हमेशा से ही चरमपंथ के आरोपो को बेबुनियाद कहता है. लेकिन इस बात से इनकार भी नहीं कर पाता है कि भारत में होने वाली चरमपंथी घटनाओं में उसका हाथ है.

मामला मुंबई में हुए सीरियल ब्लास्ट से जुड़ा हो या फिर अजमल कसाब के जिंदा पकड़े जाने का. या फिर पठानकोट हमले की.

पठानकोट हमले के बाद तो उन्होंने स्वीकार किया था कि इन हमलों में पाकिस्तान के कुछ संगठन शामिल थे. तभी पाकिस्तान ने उन संगठनों के ख़िलाफ़ कुछ दिनों के लिए प्रतिबंध भी लगाए थे.

विकास स्वरूप ने बीबीसी से बात करते हुए बताया कि पूरा विश्व आतंकवाद से ग्रसित है. आतंकवाद पर चल रहे अतंरराष्ट्रीय सेमिनार में 193 देश शामिल हुए हैं.

वो आगे कहते हैं कि जो देश ऐसा सोचते हैं कि आतंकवाद किसी एक देश या फिर एक रीज़न की समस्या है तो अब यह सोच समाप्त हो चुकी है.

विकास कहते हैं कि जब 193 देश एक स्टेज पर होते हैं तो उनमें कुछ मतभेद तो होते ही हैं. इस महासभा में कोशिश की जा रही है कि मतभेदों के दायरे को कम कर सहमति के दायरे को बढ़ाया जाए.

अभी तक आतंकवाद पर 131 देश बोल चुके हैं. 90 से 95 फीसद ने अपने वक्तव्यों में आतंकवाद का ज़िक्र किया है. इसका मतलब है कि वो सब आतंकवाद से प्रभावित हैं.

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सभी चाहते हैं कि आतंकवाद का खात्मा हो. और आतंकवाद के खिलाफ़ मिलकर कार्रवाई की जाए.

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(न्यूयॉर्क स्थित वरिष्ठ पत्रकार सलीम रिज़वी से बातचीत पर आधारित)

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