'हमारी ग़लती हो तो, हम गर्दन कटाने को तैयार हैं'

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Image caption मोहम्मद अख़लाक़

करीब साल भर पहले राजधानी दिल्ली के नज़दीक उतर प्रदेश के गांव बिसहाड़ा में गोमांस रखने के आरोप में मोहम्मद अख़लाक़ की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी.

आज भी उनका परिवार दहशत के साए में जी रहा है. अखलाक के भाई जान मोहम्मद उस दिन को याद कर आज भी सिहर उठते हैं.

बीबीसी से ख़ास बातचीत में उन्होंने बताया कि किस तरह उहें अख़लाक के मारे जाने की ख़बर मिली थी.

वो कहते हैं, "मेरी तबियत ख़राब थी. इलाज के लिए मैं ग्रेटर नोएडा के कैलाश अस्पताल गया था. रास्ते में मुझे किसी ने फ़ोन पर बताया कि अख़लाक़ से किसी का झगड़ा हो गया है. मैंने गांव फ़ोन किया तो मुझे बताया गया कि लोगों ने अख़लाक़ को मारकर सड़क के किनारे छोड़ दिया है."

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जान मोहम्मद तफ़सील से बताते हैं कि किस तरह उन्हें पता चला कि अख़लाक़ को घायल स्थिति में पुलिस अस्पताल ले गई है.

वो कहते हैं, "मैं अस्पताल पंहुचा तो वहां अख़लाक़ की पत्नी और बेटी मौजूद थीं. हमें अख़लाक़ से यह कह कर नहीं मिलने दिया गया कि डॉक्टर नहीं मिलने देंगे. पर बाद में कहा गया कि उनकी मौत हो चुकी है."

दुख में डूबे जान मोहम्मद कहते हैं कि वे लोग कभी उस दिन को भूल नहीं सकते हैं.

वो कहते हैं , " हम यह सोच कर कांप उठते हैं कि किस तरह अख़लाक़ की रूह निकली होगी, उसे कितनी तक़लीफ़ हुई होगी, कैसे उसकी जान गई होगी."

जान मोहम्मद इसके साथ ही इस पूरे मामले को धोखाधड़ी और झूठ पर आधारित बताते हैं.

वो कहते हैं, "हमारे परिवार की कहीं कोई ग़लती हो तो हम गर्दन कटाने को तैयार हैं. पर हम झूठ के सामने नहीं झुकेंगे. यह पूरा मामला ही झूठ पर टिका है."

जान मोहम्मद यह भी कहते हैं कि इस कांड के बाद से पूरा परिवार टूट गया है.

उनके मुताबिक़, अख़लाक की 85 साल की मां पर भी हमले किए गए थे, उनके चेहरे पर चोट के निशान थे. वे आज भी अखलाक़ को याद कर रोती रहती हैं. उनका बचना निहायत ही मुश्किल है.

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