आख़िर क्या हैं सर्जिकल स्ट्राइक?

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भारत ने दावा किया है कि उसने पाकिस्तान के साथ लगी नियंत्रण रेखा (एलओसी) के निकट 'सर्जिकल स्ट्राइक' की हैं.

पाकिस्तान ने भारत के 'सर्जिकल स्ट्राइक' के दावे को ख़ारिज कर दिया है लेकिन उन्होंने अपने दो सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि की है.

भारत की ओर से ये नहीं बताया गया है कि ये 'सर्जिकल स्ट्राइक' किस तरह की थी.

क्या भारतीय सैनिक पाकिस्तान के नियंत्रण वाले इलाक़े में गए और वहां पर ये हमले किए गए? और अगर ऐसा हुआ तो अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में इसके क्या मायने हैं?

केंब्रिज डिक्शनरी के मुताबिक़ सर्जिकल स्ट्राइक एक सैन्य हमला होता है जो किसी ठिकाने पर किया गया हो. सर्जिकल शब्द मेडिकल के सर्जरी शब्द से आया है. सर्जिकल स्ट्राइक में छोटे हथियारों का प्रयोग किया जाता है.

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सर्जिकल स्ट्राइक का सबसे मशहूर उदाहरण शायद पाकिस्तान के ऐबटाबाद में चरमपंथी संगठन अल-क़ायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन के ठिकाने पर हमला था.

सोसाइटी फ़ॉर पॉलिसी स्टडीज़ के डॉयरेक्टर कॉमोडोर उदय भास्कर के मुताबिक़ सर्जिकल स्ट्राइक करने वाला पक्ष अपने उद्देश्य, वक़्त और जगह को सीमांकित करता है और इसमें ताक़त का नियंत्रित तरीक़े से इस्तेमाल किया जाता है.

वो कहते हैं, "सर्जिकल स्ट्राइक दूसरे पक्ष के लिए संदेश है कि ऐसा करने वाले का मक़सद काफ़ी परिभाषित और छोटा है. ऐसा नहीं है कि भारत ने पहली बार सर्जिकल स्ट्राइक की हैं. ये पहले भी हुआ है. लाइन ऑफ़ कंट्रोल पर दोनो पक्ष सीमित उद्देश्य के लिए सर्जिकल स्ट्राइक करते हैं और जब वो ख़त्म हो जाता है तो दूसरे पक्ष को संदेश मिल जाता है."

रिटायर्ड मेजर जनरल इयान कार्डोज़ो कहते हैं, "जंग का एक उसूल होता है जिसे मेन्टेनेन्स ऑफ़ मोमेंटम कहते हैं यानी कार्रवाई करते रहने की ज़रुरत होती है."

वो दावा करते हैं कि अभी पाकिस्तान ऑफ़ बैलेंस है इसलिए मोमेंटम बनाए रखने की ज़रुरत है.

कार्डोज़ो कहते हैं, "किसी भी सर्जिकल स्ट्राइक को प्लान करना होता हैं कि अगर दुश्मन कुछ कार्रवाई कर सकता है तो उसे पहले से भांप कर सर्जिकल स्ट्राइक कर दी जाए. तभी इसका असर होता है"

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लेकिन अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में इसे कैसे देखा जाएगा? क्या इसे एक देश का दूसरे देश पर हमला माना जा सकता है?

कॉमोडोर उदय भास्कर कहते हैं, "भारत ने बार-बार कहा है कि ये स्ट्राइक आतंकी संरचना के ख़िलाफ़ हैं. ऐसा पाकिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता और प्रभुत्व को ध्यान में रखकर नहीं किया गया. अगर आप डीजीएमओ की ब्रीफ़िंग को देखें तो उसमें संदेश यही था कि हमारा उद्देश्य बहुत सीमित था और वो ये कि जिन आतंकी कैंप का इस्तेमाल भारत के ख़िलाफ़ किया जाता है, उन पर हमला किया गया."

देखना है कि भारतीय क़दम को पाकिस्तान में कैसे देखा जाएगा और उसका क्या असर होता है.

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