सर्जिकल स्ट्राइकः हमें क्या नहीं पता

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भारतीय सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ठोस ख़ुफ़िया जानकारी के आधार पर नियंत्रण रेखा पर 'आतंकवादियों के लांच पैड' नष्ट किए गए.

सर्जिकल स्ट्राइक का मतलब होता है कि जानकारी बिलकुल सटीक थी और चिन्हित ठिकानों पर हमला किया गया.

लेकिन भारत के अधिकारिक बयान में ये नहीं बताया गया है कि कुल कितने ठिकाने नष्ट किए गए. न ही ये बताया गया है कि ये सर्जिकल स्ट्राइक कहां किए गए. सिर्फ़ इतना ही बताया गया है कि ये 'नियंत्रण रेखा' पर हुए.

सेना के अधिकारिक बयान में यह ज़रूर कहा गया है कि चरमपंथियों को भारी नुक़सान हुआ है. कितना नुक़सान हुआ और कितने चरमपंथी मारे गए या घायल हुए ऐसी सटीक जानकारी नहीं दी गई है.

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सेना के बयान में ये भी कहा गया है कि सिर्फ़ चरमपंथियों को ही नहीं बल्कि उन्हें 'मदद देने वालों' को भी नुक़सान हुआ. ये 'मदद देने' वाले क्या पाकिस्तानी सैनिक थे अभी ये साफ़ नहीं है.

पाकिस्तानी सेना ने ये माना है कि भारत की ओर से हुई गोलीबारी में उसके दो जवान मारे गए हैं और नौ घायल हुए हैं. पाकिस्तानी सेना ने यह जानकारी भारतीय डीजीएमओ की प्रेस कांफ्रेंस से पहले ही दे दी थी.

भारतीय सेना की ओर से कहा गया है कि स्ट्राइक सेना ने की हैं यानी इसमें भारतीय वायुसेना ने हिस्सा नहीं लिया.

लेकिन ये नहीं बताया गया है कि कुल कितने सैनिकों ने या किस टुकड़ी ने ये कथित हमला किया.

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वहीं पाकिस्तान ने साफ़-साफ़ अपने सीमाक्षेत्र में ऐसी किसी सर्जिकल स्ट्राइक के होने से इनकार किया है.

भारतीय सेना ने अपने बयान में कहा कि 'चरमपंथी ठिकानों' को निशाना बनाया गया. साथ ही ये भी कहा कि 'चरमपंथियों के मददगारों' को भी नुक़सान हुआ. लेकिन ये नहीं बताया कि पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर हमला किया गया या नहीं.

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भारत की स्ट्राइक के दौरान क्या भारतीय नेतृत्व कंट्रोल रूम से हालात पर नज़र रख रहा था या नहीं अभी ये स्पष्ट नहीं है. ऐसी कोई तस्वीर सामने नहीं आई है.

भारत ने अपने हमले को 'चरमपंथी हमले रोकने के लिए आत्मरक्षा' में उठाया गया क़दम बताया है. अंतरराष्ट्रीय क़ानून में 'आत्मरक्षा के लिए हमले' विवादित और अस्पष्ट विषय है.

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